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उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में मौसम का तांडव: भारी बर्फबारी से गंगोत्री हाईवे ठप, हर्षिल के सात गांवों का संपर्क टूटा

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उत्तराखंड में भारी बर्फबारी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट। गंगोत्री हाईवे सुक्की टॉप में बंद होने से हर्षिल घाटी का संपर्क टूटा। 25 मार्च तक खराब रहेगा मौसम।

देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। उत्तरकाशी की हर्षिल घाटी में शुक्रवार सुबह से जारी मूसलाधार बर्फबारी के कारण गंगोत्री नेशनल हाईवे (NH-34) सुक्की टॉप के पास वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद हो गया है। हाईवे बंद होने से हर्षिल के सात गांवों सहित गंगोत्री धाम और अंतरराष्ट्रीय सीमा का जनपद मुख्यालय से संपर्क कट गया है। सीमा सड़क संगठन (BRO) के अनुसार, बर्फबारी रुकने के बाद ही सड़क खोलने का काम शुरू किया जा सकेगा।
पहाड़ों पर स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। बदरीनाथ धाम में अब तक लगभग दो फीट तक बर्फ जम चुकी है और बर्फबारी का सिलसिला लगातार जारी है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड और सफेद चादर ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए भारी बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, न केवल पहाड़ों पर बल्कि मैदानी इलाकों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। देहरादून समेत कई मैदानी जिलों में तेज बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने का अनुमान है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले 25 मार्च तक पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज इसी तरह चुनौतीपूर्ण बना रहेगा। मैदानी इलाकों के लिए प्रशासन ने येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें हाई अलर्ट पर हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने के निर्देश दिए गए हैं। भारी बारिश और तूफान की आशंका को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में आवाजाही कम करने की अपील की गई है। BRO की मशीनरी सुक्की टॉप पर तैनात है, लेकिन लगातार गिरती बर्फ के कारण मार्ग सुचारू करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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