Report by : CWN Desk
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जंगली सुअरों से निजात: अब वन दरोगा भी दे सकेंगे मारने की अनुमति

देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली सुअरों और नील गायों से फसलों को हो रहे भारी नुकसान से परेशान काश्तकारों को अब राहत मिल सकेगी। राज्य सरकार ने अब रिजर्व फॉरेस्ट से बाहर के क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले इन जानवरों को मारने की अनुमति देने की प्रक्रिया को आसान कर दिया है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने इस संबंध में बड़ा फैसला लेते हुए विभागीय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अब केवल डीएफओ ही नहीं, बल्कि वन दरोगा से लेकर वन संरक्षक तक के अधिकारी भी यह अनुमति दे सकेंगे।

पहले किसानों को डीएफओ से अनुमति लेने के लिए लंबी प्रक्रिया और समय का सामना करना पड़ता था, जिससे कई बार फसलें तबाह हो जाती थीं। अब इस प्रक्रिया में लचीलापन लाया गया है, जिससे किसान वन दरोगा, डिप्टी रेंजर, रेंजर, एसडीओ, डीएफओ या वन संरक्षक—किसी से भी अनुमति प्राप्त कर सकते हैं। इस निर्णय का उद्देश्य किसानों को तुरंत राहत प्रदान करना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना है।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि इस नई व्यवस्था से किसानों को अपनी फसलें बचाने के लिए समय पर कदम उठाने का अधिकार मिलेगा। साथ ही, इससे खेती को होने वाले नुकसान में भी कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों से होने वाले संघर्ष की घटनाएं घटेंगी। सरकार का यह कदम किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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