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उत्तराखण्ड

भक्ति, उल्लास और श्रद्धा के संग केदारनाथ धाम पहुंची पंचमुखी डोली, कपाट खुलने की तैयारियां पूर्ण

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रुद्रप्रयाग। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह डोली गुरुवार को हल्की बारिश के बीच भक्तों के जयघोष और पुष्प वर्षा के साथ केदारनाथ धाम पहुंच गई। डोली के पहुंचते ही धाम का माहौल भक्तिमय हो गया। डोली का स्वागत “बम-बम भोले” और “जय बाबा केदार” के नारों के साथ हुआ। शाम साढ़े तीन बजे डोली मंदिर परिसर में पहुंची, जहां सेना की 6 ग्रिनेडियर यूनिट के बैंड की मधुर धुनों पर भक्त झूमते नजर आए।

इससे पहले गुरुवार सुबह गौरीकुंड के गौरामाई मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ डोली ने केदारनाथ के लिए प्रस्थान किया। मार्ग में स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों ने दर्शन कर बाबा का आशीर्वाद लिया। दोपहर बाद मौसम खराब हुआ और हल्की बारिश शुरू हो गई, बावजूद इसके भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। डोली दोपहर 3 बजे बेस कैंप और साढ़े तीन बजे मंदिर परिसर में पहुंची।

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डोली के साथ केदारनाथ के मुख्य पुजारी बागेश लिंग भी धाम पहुंचे, जबकि रावल भीमाशंकर लिंग पहले से ही धाम में मौजूद हैं। डोली के मंदिर पहुंचने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने इसे विधिवत भंडारगृह में स्थापित किया। शुक्रवार सुबह 7 बजे भगवान केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इस अवसर पर जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, बीकेटीसी के सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल, और प्रशासनिक अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण समेत हजारों श्रद्धालु धाम में उपस्थित रहेंगे।

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गुरुवार को 10 हजार से अधिक तीर्थयात्री केदारनाथ पहुंचे, जबकि कपाट खुलने के दिन यह संख्या कई गुना बढ़ सकती है। जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि धाम और आस-पास के क्षेत्रों में 30 हजार से अधिक यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसमें जीएमवीएन के कॉटेज, टेंट कॉलोनियां, होटल-लॉज और स्थानीय लोगों के अस्थायी निवास शामिल हैं। प्रशासन ने यात्रियों के लिए सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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