उत्तराखण्ड
विश्व धरोहर ‘फूलों की घाटी’ आज से बंद, घटी पर्यटकों की संख्या; कमाई पर भी असर!
उत्तराखंड की विश्व धरोहर फूलों की घाटी 31 अक्टूबर से शीतकाल के लिए बंद। जानें इस साल कितने पर्यटक आए, पिछले साल से कितनी कम रही संख्या और राजस्व पर क्या पड़ा असर।
चमोली। जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी (Valley of Flowers) आज, 31 अक्तूबर, शुक्रवार से शीतकाल के लिए पर्यटकों की आवाजाही के लिए बंद कर दी गई है। यह विश्व धरोहर स्थल हर साल की तरह 1 जून से 31 अक्टूबर तक खुला रहता है। हालांकि, इस साल पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर विभाग की आय पर पड़ा है।
कम रहे पर्यटक, राजस्व पर पड़ा असर
फूलों की घाटी के वन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कुल 15,934 देशी-विदेशी पर्यटक घाटी पहुंचे। इनसे विभाग को कुल ₹33,28,050 की आय हुई। जबकि, पिछले वर्ष यानी 2024 में 19,401 पर्यटकों ने घाटी का दीदार किया था, जिससे विभाग को ₹39,40,850 का राजस्व प्राप्त हुआ था। आंकड़ों से साफ है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल पर्यटकों की संख्या लगभग 3,467 कम रही, जिसके कारण राजस्व में भी करीब ₹6 लाख की कमी आई है।
समय से पहले हुई बर्फबारी का रोमांच
यूं तो इस समय घाटी में फूलों की संख्या कम हो चुकी है, लेकिन इस बार समय से पहले हुई बर्फबारी ने आखिरी क्षणों में पर्यटकों को एक नया और शानदार अनुभव दिया। घाटी में चारों ओर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई, जिससे यहां के प्राकृतिक स्लोप और पहाड़ियों का दृश्य बेहद मनमोहक हो गया। स्थानीय टूर ऑपरेटर संजय सती के अनुसार, पर्यटक बर्फ का आनंद लेने के लिए विशेष रूप से पहुंचे थे।
बर्फबारी के बावजूद बनी रही पर्यटकों की आवाजाही
फूलों की घाटी की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि, जैसे ही घाटी में बर्फबारी हुई, उसके बाद भी प्रतिदिन 8 से 10 पर्यटक यहां पहुंच रहे थे। यह दिखाता है कि फूलों की घाटी का आकर्षण सिर्फ रंग-बिरंगे फूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि बर्फबारी में इसका नज़ारा भी पर्यटकों को खूब लुभाता है। यह उत्तराखंड पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल बना हुआ है। अब, इस विश्व प्रसिद्ध घाटी को अगले वर्ष 1 जून, 2026 को फिर से पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।
