Connect with us

हरिद्वार

हरिद्वार हर की पैड़ी पर खाड़ी देशों की वेशभूषा में पहुंचे युवक; मचा हंगामा, पुलिस में शिकायत दर्ज

Published

on

खबर शेयर करें 👉

धर्मनगरी हरिद्वार में कुवैत से आए दो युवकों की वेशभूषा और बयान से तनाव। श्री गंगा सभा ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। जानें पूरा मामला।

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार के सबसे पवित्र स्थल हर की पैड़ी पर मंगलवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब खाड़ी देशों की पारंपरिक वेशभूषा पहने दो युवक वहां घूमते नजर आए। इन युवकों के पहनावे और उनके द्वारा दिए गए बयानों ने तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में ‘गैर-हिंदू प्रवेश वर्जित’ को लेकर बहस तेज है।
कुवैत से लौटे इन दो युवकों ने मीडिया और वहां मौजूद लोगों के सामने विवादित लहजे में कहा कि “हिंदुस्तान खुला है… कोई कहीं भी जा सकता है।” उनके इस बयान ने जलती आग में घी का काम किया। गौरतलब है कि श्री गंगा सभा पिछले काफी समय से कुंभ मेला क्षेत्र और हर की पैड़ी पर मर्यादा बनाए रखने के लिए गैर-हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने का अभियान चला रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री गंगा सभा के सचिव उज्जवल पंडित ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हर की पैड़ी की अपनी एक धार्मिक मर्यादा और परंपरा है, जिसे किसी भी हाल में भंग नहीं होने दिया जाएगा। उज्जवल पंडित ने स्थानीय पुलिस को लिखित तहरीर देकर इन युवकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
मौके पर मौजूद चश्मदीदों के अनुसार, युवकों का व्यवहार और उनकी वेशभूषा तीर्थ स्थल की गरिमा के अनुकूल नहीं थी। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है कि युवक वास्तव में कौन हैं और उनका उद्देश्य क्या था। खुफिया विभाग (LIU) को भी सतर्क कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना या सांप्रदायिक तनाव को रोका जा सके।
हरिद्वार पुलिस का कहना है कि वे हर की पैड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और मर्यादा को लेकर प्रतिबद्ध हैं। युवकों से पूछताछ की जा रही है और उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर धर्मनगरी में बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही और धार्मिक स्थलों के प्रवेश नियमों पर नई बहस छेड़ दी है।

Select Language

Advertisement