Report by : CWN Desk
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अस्पताल कर्मियों की कार से मिले 28,800 नशे के कैप्सूल

एसटीएफ ने दो कर्मचारियों को पकड़ा, सप्लायर के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज

रुड़की। रुड़की में एसटीएफ ने युवाओं को नशा बेचने के आरोपी निजी अस्पताल के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से कार, दो फोन और 28,800 नशे के कैप्सूल बरामद किए गए। इस मामले में अस्पताल के मालिक, दो कर्मचारियों और सप्लायर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
एसटीएफ इंस्पेक्टर शरद चंद्र गुसाई, उप निरीक्षक विकास रावत, हेड कांस्टेबल सुधीर कैसला, कॉन्स्टेबल दीपक नेगी और भूपेंद्र सिंह ने बुधवार शाम को सालियर चेक पोस्ट के पास यूके जीरो आठ नंबर की कार को रोका। कार में वलीम अहमद (27) पुत्र इरफान अली निवासी गांव हरझोली झोझा थाना झबरेड़ा और अमान अंसारी (19) पुत्र मोहम्मद यूसुफ निवासी मेहवड़ कलां थाना कलियर बैठे थे। तलाशी में कार से 28,800 नशे के कैप्सूल और दो फोन बरामद किए।
गंगनहर कोतवाली इंस्पेक्टर ऐश्वर्य पाल ने बताया कि एसटीएफ निरीक्षक शरद चंद्र गुसाई की तहरीर पर एनडीपीएस की धाराओं के तहत अस्पताल मालिक जावेद आलम निवासी गोपाली देवबंद, कर्मचारी वलीम अहमद निवासी गांव हरजोली झोझा, अमान अंसारी निवासी मेहवड़ कला थाना कलियर और नारकोटिक छोटू निवासी देवबंद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया। इसके साथ ही कार को सीज कर दिया गया है।

अस्पताल बनाया था नशीले इंजेक्शन रखने का ठिकाना
नशे के सामान को करीब एक साल से अस्पताल के कर्मचारी मेडिकल लाइन की आड़ में छिपा रहे थे। मालिक और दोनों कर्मचारियों ने अस्पताल को ही नशे का सामान रखने के लिए महफूज ठिकाना बनाया था। एक कैप्सूल की कीमत 63 बताई गई है। किसी को शक न हो, इसलिए अस्पताल की आड़ में नशे की दवाओं को वहां से आराम से बेचा जा रहा था।

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