Connect with us

नई दिल्ली

साँप के संँपोलिये छोड़े नहीं जाते

Published

on

खबर शेयर करें 👉

आस्तीन में पलने वालों,
बोलो कितना और पलोगे?
मूंग वक्ष पर दलने वालों,
बोलो कितना और दलोगे?
बाहर से दिखते हो चंगे,
पर भीतर से सुलग रहे हो।
बिना बात के जलने वालों,
बोलो कितना और जलोगे?

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून में ट्रांसजेंडरों ने किया देर रात सड़क पर हंगामा, पुलिस पर हमले की कोशिश, केस दर्ज

रिश्ते अग़र हों खास तो तोड़े नहीं जाते
हर किसी से तार भी जोड़े नहीं जाते
अपना कहें और पीठ पीछे घात भी करें
तो साँप के सँपोलिये छोड़े नहीं जाते।

यह भी पढ़ें 👉  फास्ट फूड खाने के बाद छात्रा की संदिग्ध मौत, पोस्टमार्टम से होगा खुलासा

देवेश द्विवेदी ‘देवेश

Select Language

Advertisement