Connect with us

नई दिल्ली

साँप के संँपोलिये छोड़े नहीं जाते

Published

on

खबर शेयर करें 👉

आस्तीन में पलने वालों,
बोलो कितना और पलोगे?
मूंग वक्ष पर दलने वालों,
बोलो कितना और दलोगे?
बाहर से दिखते हो चंगे,
पर भीतर से सुलग रहे हो।
बिना बात के जलने वालों,
बोलो कितना और जलोगे?

यह भी पढ़ें 👉  यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आए दो श्रद्धालुओं की मौत, अब तक मरने वालों की संख्या 6 हुई

रिश्ते अग़र हों खास तो तोड़े नहीं जाते
हर किसी से तार भी जोड़े नहीं जाते
अपना कहें और पीठ पीछे घात भी करें
तो साँप के सँपोलिये छोड़े नहीं जाते।

यह भी पढ़ें 👉  क्या है बबल टी…? याद है ना…!

देवेश द्विवेदी ‘देवेश‘

Select Language

Advertisement