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उत्तराखण्ड

मुसीबत: दीपावली से पहले हल्द्वानी-काठगोदाम से दिल्ली जाने वाली 22 डीजल बसों का संचालन बंद

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दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली परिवहन विभाग ने दो नवंबर को ही बीएस थ्री वाहनों के संचालन पर पाबंदी लगाई
हल्द्वानी। हल्द्वानी-काठगोदाम से दिल्ली जाने वाली करीब 22 डीजल बसों का संचालन रविवार से बंद कर दिया गया। इनमें 12 बसें हल्द्वानी और 10 काठगोदाम डिपो की शामिल हैं। केवल 24 अनुबंधित सीएनजी बसों को ही दिल्ली रूट पर भेजा गया। जबकि अन्य दिनों में डीजल-सीएनजी मिलाकर 40 से अधिक बसों को भेजा जाता था। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में पुरानी डीजल बसों के किए जा रहे चालान को देखते हुए यह फैसला लिया है। ऐसे में त्योहारी सीजन में रोडवेज को आर्थिक नुकसान उठाने के साथ यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण से बिगड़ते हालातों को देखते हुए दिल्ली परिवहन विभाग ने दो नवंबर को ही बीएस थ्री के पेट्रोल और बीएस फोर के डीजल वाहनों के संचालन पर पाबंदी लगाई थी। शुक्रवार को हल्द्वानी से दिल्ली पहुंची डीजल बसों को भी बस स्टैंड से तुरंत वापस लौटा दिया गया था। वहीं डीजल बसों के चालान भी काटे जा रहे हैं। बीते शनिवार को टनकपुर डिपो की एक बस का करीब 25 हजार रुपये का चालन किए जाने की बात भी सामने आई है। हल्द्वानी स्टेशन प्रभारी इंद्रा भट्ट ने बताया कि दिल्ली में डीजल बसों पर हो रही कार्रवाई को देखते हुए रविवार को 24 अनुबंधित बसों को ही दिल्ली रूट पर भेजा गया है।
हल्द्वानी डिपो के एआरएम सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि अभी दिल्ली रूट पर यात्रियों की संख्या अधिक नहीं है। सीएनजी बसों के संचालन से काम चल जा रहा है। इसलिए डीजल बसों का संचालन बंद कर दिया है। आगे बसों के संचालन के संबंध में उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। अधिकारियों के आदेश के मुताबिक बसों का संचालन किया जाएगा। बसों का संचालन बंद होने को लेकर पिछले 15 दिनों से चर्चाएं चल रही थीं। 26 अक्तूबर को दिल्ली परिवहन विभाग की ओर से एक पत्र जारी हुआ था। इसमें हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की पुरानी डीजल बसों के दिल्ली में प्रवेश पर पाबंदी की बात कही गई थी। पत्र में उत्तराखंड का नाम न होने से अधिकारी भी बेफिक्र थे। मामले में जब परिवहन निगम के महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि उनके पास बस संचालन बंद करने को लेकर किसी तरह के कोई आदेश नहीं हैं। ऐसे में त्योहारी सीजन की व्यवस्था करने पर अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। जबकि बसों के बेहतर संचालन के लिए कर्मचारियों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं।

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