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उत्तर प्रदेश

भाजपा-सपा रामचरित मानस विवाद को दे रहे राजनीतिक रंगः मायावती

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बसपा सुप्रीमो ने जारी किया बयान, कहा सपा के भाजपा के रास्ते पर चलना दुर्भाग्यपूर्ण
लखनऊ।
रामचरित मानस पर सियासी घमासान थम नहीं रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसे भाजपा और समाजवादी पार्टी राजनीतिक रंग दे रही हैं। कहा कि जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करना भाजपा की पहचान है। सपा भी अब भाजपा के रास्ते पर चल रही है तो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।
मायावती ने बयान जारी करते हुए कहा कि संकीर्ण राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ हेतु नए-नए विवाद खड़ा करके जातीय व धार्मिक द्वेष, उन्माद-उत्तेजना व नफरत फैलाना, बायकाट कल्चर, धर्मान्तरण को लेकर उग्रता आदि बीजेपी की
राजनीतिक पहचान सर्वविदित है। लेकिन रामचरितमानस की आड़ में सपा का वही राजनीतिक रंग-रूप दुःखद व दुर्भाग्यपूर्ण।
बसपा सुप्रीमों ने कहा कि रामचरितमानस के खिलाफ सपा नेता की टिप्पणी पर उठे विवाद व फिर उसे लेकर भाजपा की प्रतिक्रियाओं के बावजूद सपा नेतृत्व की चुप्पी से स्पष्ट है कि इसमें दोनों पार्टियों की मिलीभगत है ताकिnआगामी चुनावों को जनता के ज्वलन्त मुद्दों के बजाए हिन्दू-मुस्लिम उन्माद पर पोलाराइज किया जा सके।

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