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अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

विश्वविद्यालय में दलित छात्रा के उत्पीड़न पर उछास का आक्रोश, दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग

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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के विधि संकाय में एक दलित छात्रा के साथ हुए शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के मामले में उत्तराखंड छात्र संगठन (उछास) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता द्वारा कुलपति, जिलाधिकारी और एसएसपी अल्मोड़ा को शिकायत सौंपे जाने के बावजूद अभी तक किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई न होने से छात्र संगठनों में आक्रोश व्याप्त है।

पीड़िता का आरोप है कि विधि संकाय की दो शिक्षिकाओं, एक छात्र और एक बाहरी व्यक्ति ने मिलकर उसका उत्पीड़न किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए इस पर कड़ी निंदा की है।

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उछास की प्रदेश नेता भावना पांडे ने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन व्यापक आंदोलन छेड़ेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान जहां विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, आज वहीं पर उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं।

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भावना पांडे ने राज्य में बढ़ती महिला हिंसा और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा के अभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि छात्रों को किताबों और शिक्षकों से वंचित कर, उन्हें भय और उत्पीड़न के माहौल में ढकेला जा रहा है, जिसे अब और सहन नहीं किया जाएगा। उछास ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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