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उत्तराखण्ड

मुनस्यारी में बिना अनुमति बनाए गए 10 वीआईपी हट, तत्कालीन डीएफओ डॉ. विनय भार्गव को कारण बताओ नोटिस

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देहरादून। वन विभाग में एक और बड़ा घपला उजागर हुआ है। पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में बिना शासन की अनुमति के पक्के निर्माण कर 10 वीआईपी हट, डोरमैट्री, वन उत्पाद विक्रय केंद्र और ग्रोथ सेंटर बना दिए गए। यही नहीं, इन निर्माण कार्यों के लिए बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए एक निजी संस्था को ठेका दे दिया गया और उसे एकमुश्त लगभग दो करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया गया।

यह गंभीर मामला उस समय सामने आया जब शिकायत के बाद शासन ने जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी पीसीसीएफ अनुसंधान संजीव चतुर्वेदी को सौंपी गई थी। उन्होंने लगभग 700 पन्नों की रिपोर्ट तैयार कर पीसीसीएफ कार्यालय को सौंपी, जिसमें आरोपों को सही पाया गया और सीबीआई या सीआईडी से विस्तृत जांच की सिफारिश भी की गई।

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जांच रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन डीएफओ पिथौरागढ़ रहे डॉ. विनय भार्गव ने वर्ष 2019 से 2021 के बीच मुनस्यारी रेंज में इको टूरिज्म के नाम पर यह निर्माण कार्य कराए। नियमों को दरकिनार कर संस्था से एमओयू भी कर लिया गया, जिसमें हट संचालन से होने वाली आय का 70 प्रतिशत हिस्सा संस्था को देने का प्रावधान किया गया—वह भी बिना शासन या उच्चाधिकारियों की अनुमति के।

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इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु ने वर्तमान में पश्चिमी वृत्त हल्द्वानी के वन संरक्षक पद पर तैनात डॉ. विनय भार्गव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। प्रमुख सचिव ने कहा है कि जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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