Connect with us

नई दिल्ली

हल्द्वानी बिजली चोरी: आजादनगर में 87% लाइन लॉस; कुमाऊं कमिश्नर ने दिए FIR और ट्रांसफर के निर्देश

Published

on

खबर शेयर करें 👉

हल्द्वानी के आजादनगर और गांधीनगर फीडर में क्रमशः 87% और 70% बिजली चोरी का खुलासा। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने तत्काल चेकिंग, वीडियोग्राफी और जेई-लाइनमैनों को हटाने के सख्त आदेश दिए।

हल्द्वानी। हल्द्वानी में हो रही लगातार बिजली कटौती के बीच बिजली चोरी का एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। मंगलवार को कुमाऊं कमिश्नर और मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने बिजली कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह गुंज्याल ने खुलासा किया कि कालाढूंगी चौराहा सब स्टेशन के तहत आने वाले आजादनगर बिजली फीडर में रिकॉर्ड 87 फीसदी और गांधीनगर फीडर में 70 फीसदी तक बिजली की चोरी (लाइन लॉस) हो रही है। इस भयावह जानकारी को सुनकर कमिश्नर रावत हैरान रह गए और उन्होंने तत्काल बड़े स्तर पर कार्रवाई के आदेश दिए।
कमिश्नर रावत ने निर्देश दिए कि जिला पुलिस, प्रशासन और पीएसी के सहयोग से विशेष टीमें गठित की जाएं। ये टीमें आजादनगर और गांधीनगर से जुड़े क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाएंगी। उन्होंने बिजली चोरी में शामिल लोगों की गोपनीय रूप से फोटो और वीडियोग्राफी करने, साथ ही पुख्ता साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए हैं ताकि एफआईआर दर्ज की जा सके। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने सुरक्षा बल की कमी के कारण इन संवेदनशील क्षेत्रों में कार्रवाई न कर पाने की मजबूरी बताई, जिस पर कमिश्नर ने पूरा प्रशासनिक और पुलिस सहयोग देने का आश्वासन दिया।
ऊर्जा निगम के ईई प्रदीप कुमार ने बैठक में जानकारी दी कि कालाढूंगी चौराहा और 13 बीघा सब स्टेशन के अंतर्गत स्टेशन रोड, आजादनगर, गांधीनगर, नई बस्ती और उजालानगर जैसे क्षेत्रों में लगभग 11 हजार बिजली कनेक्शन हैं। हालांकि, इस पूरे क्षेत्र में अब तक केवल 700 स्मार्ट मीटर ही लगाए जा सके हैं। कमिश्नर रावत ने लाइन लॉस को नियंत्रित करने के लिए तत्काल दो महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
पहला, बिजली चोरी बहुल क्षेत्रों में कई वर्षों से जमे जूनियर इंजीनियरों (जेई) और लाइनमैनों को तुरंत हटाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब अधिकारियों के साथ-साथ क्षेत्रीय लाइनमैनों की भी जवाबदेही तय की जाएगी। दूसरा, जिन क्षेत्रों में लाइन लॉस सबसे अधिक है, वहाँ प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा किया जाए और नियमित रूप से चेकिंग अभियान चलाया जाए। यह कठोर कार्रवाई हल्द्वानी में बिजली चोरी के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई की शुरुआत मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement