हरिद्वार
हरिद्वार में आक्रोश: बांग्लादेशी हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ पदयात्रा और कैंडल मार्च
हरिद्वार के चण्डीघाट में कर्मठ हिन्दू संघ ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा के खिलाफ आक्रोश पदयात्रा निकाली। झंडा दहन कर अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की।
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के चण्डीघाट क्षेत्र में बांग्लादेश में रह रहे हिंदू समाज के लोगों पर हो रही हिंसा और अत्याचारों के खिलाफ भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। ‘कर्मठ हिन्दू संघ’ संगठन द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्याय की गुहार लगाई। यह प्रदर्शन पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है।
माननीय श्री बालकृष्ण जी महाराज के मार्गदर्शन और संगठन के अध्यक्ष राघव बंगा के नेतृत्व में यह आक्रोश पदयात्रा चण्डीघाट से शुरू होकर निर्मल घाट तक निकाली गई। पदयात्रा में शामिल प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को तत्काल रोकने की मांग की। हाथों में तख्तियां लिए लोग अंतरराष्ट्रीय समुदायों से इस मानवीय संकट पर ठोस कदम उठाने की अपील कर रहे थे।
प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित सदस्यों ने बांग्लादेश सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध स्वरूप बांग्लादेश के झंडे का प्रतीकात्मक दहन भी किया गया। इसके पश्चात, सभी प्रदर्शनकारी निर्मल घाट पहुंचे, जहां मोमबत्तियां जलाकर कैंडल मार्च निकाला गया। वहां मौजूद जनसमूह ने हिंसा का शिकार हुए हिंदू भाई-बहनों की याद में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
संगठन के अध्यक्ष राघव बंगा ने अपने संबोधन में कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समाज को लगातार निशाना बनाना मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि इस विषय पर कड़ा रुख अपनाया जाए। बंगा ने पीड़ित हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक दबाव बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम में राजकुमार, सोमेंद्र नागर, मुकेश, जमाल, प्रवीण और रोहित सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक अत्याचार नहीं रुकते, उनका संघर्ष जारी रहेगा। हरिद्वार की यह पदयात्रा दर्शाती है कि सीमा पार हो रहे अन्यायों के प्रति भारतीय समाज में कितना गहरा रोष व्याप्त है।
