Connect with us

चमोली/उत्तरकाशी/रुद्रप्रयाग/टिहरी/पौड़ी

उत्तरकाशी: चामकोट गांव में अंगीठी की गैस से दम घुटा, एक की मौत, एक गंभीर

Published

on

खबर शेयर करें 👉

उत्तरकाशी के चामकोट गांव में बड़ा हादसा। ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सोए दो श्रमिकों में से एक की मौत, दूसरा अस्पताल में भर्ती। पढ़ें पूरी खबर।

उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। भटवाड़ी विकासखंड के चामकोट गांव में ठंड से बचने के लिए जलाई गई अंगीठी एक श्रमिक के लिए काल बन गई। कमरे में खिड़की-दरवाजे बंद कर अंगीठी जलाकर सोने से गैस का गुबार बन गया, जिससे एक व्यक्ति की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं, उसके साथी की हालत गंभीर है, जिसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, डुंडा के बीरपुर निवासी प्रमोद जोशी (36) और सुरेश चंद्र (50) चामकोट गांव में एक निजी भवन में निर्माण कार्य कर रहे थे। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए बीते गुरुवार की रात दोनों ने कमरे में अंगीठी जलाई और सो गए। कमरे में वेंटिलेशन न होने के कारण जहरीली गैस भर गई। सुबह जब अन्य कर्मचारी हरीश भट्ट वहां पहुंचे और दरवाजा नहीं खुला, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो दोनों बिस्तर पर बेसुध पड़े मिले। आनन-फानन में उन्हें 108 एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्रमोद जोशी को मृत घोषित कर दिया। दूसरे श्रमिक सुरेश चंद्र का उपचार जारी है और डॉक्टरों ने फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई है। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार और ग्रामीणों में शोक की लहर है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है। बंद कमरे में कोयला या लकड़ी जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस पैदा होती है, जो फेफड़ों में पहुंचकर जान ले सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड के मौसम में हीटर या अंगीठी का प्रयोग करते समय वेंटिलेशन का विशेष ध्यान रखें। खिड़कियों को थोड़ा खुला रखना जीवन बचा सकता है।
उत्तरकाशी पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर पहाड़ों में विंटर सेफ्टी को लेकर सतर्कता की याद दिलाई है। मृतक प्रमोद अपने पीछे रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही से बचा जा सके।

Select Language

Advertisement