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उत्तराखण्ड

ईरान-इजराइल जंग: एक्शन मोड में उत्तराखंड सरकार, प्रवासियों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ तैयार

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पश्चिम एशिया में युद्ध के संकट के बीच उत्तराखंड सरकार ने प्रवासियों की सुरक्षा के लिए हेल्प डेस्क और QR कोड जारी किया है। जिलाधिकारियों को सूची बनाने के निर्देश।

देहरादून: ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों को देखते हुए उत्तराखंड सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद, शासन ने पश्चिम एशिया में बसे उत्तराखंड के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत ‘सुरक्षा कवच’ योजना पर काम शुरू कर दिया है। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे प्रवासियों को हर संभव सहायता पहुँचाना है।
राज्य सरकार का मुख्य फोकस उन देशों पर है जहाँ उत्तराखंड के हजारों युवा नर्सिंग, होटल उद्योग और निर्माण कार्यों में कार्यरत हैं। मुख्य सचिव के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों (DM) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में उन परिवारों की सूची तैयार करें, जिनके सदस्य खाड़ी देशों में प्रवास कर रहे हैं। इससे आपात स्थिति में सीधे संपर्क साधना आसान होगा।
पंजीकरण के लिए QR कोड और ऑनलाइन लिंक जारी
सरकार ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विशेष QR कोड और ऑनलाइन लिंक जारी किया है। खाड़ी देशों (UAE, सऊदी अरब, कतर, कुवैत) में बसे उत्तराखंडी इस लिंक के माध्यम से भारतीय दूतावास में अपना पंजीकरण करा सकते हैं। दिल्ली में तैनात स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा को विभिन्न दूतावासों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य स्तर पर एक समर्पित हेल्प डेस्क सक्रिय कर दी गई है, जो सीधे भारत के विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध जैसी विकट स्थिति में प्रदेश का कोई भी नागरिक असहाय न रहे। केंद्र सरकार के साथ मिलकर त्वरित रेस्क्यू (Rescue) योजना पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर सुरक्षित घर वापसी कराई जा सके।

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