नई दिल्ली
कश्मीर में तनाव: खामेनेई की मौत के बाद सड़कों पर उतरे हजारों लोग, प्रदर्शन जारी
ईरान के नेता खामेनेई की मौत की खबर के बाद कश्मीर के शिया बहुल इलाकों में भारी विरोध प्रदर्शन। अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी और 40 दिनों के शोक का आह्वान।
श्रीनगर: अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त सैन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत की खबर के बाद रविवार को कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, विशेष रूप से शिया आबादी वाले क्षेत्रों में सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।

घाटी में प्रदर्शन के दौरान लोग अपने हाथों में खामेनेई की तस्वीरें और ईरान के समर्थन में बैनर लिए हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे लहराए और पारंपरिक शोक गीत (नौहा) गाकर अपना दुख व्यक्त किया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हमने ईरान से सुना कि हमारे क्रांतिकारी नेता खामेनेई अब हमारे बीच नहीं रहे, उन्हें क्रूरता से मार डाला गया है।” इस घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
श्रीनगर के शिया मुस्लिम समुदाय के लिए खामेनेई केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि एक ‘मरजा-ए-तकलिद’ (अनुकरण का स्रोत) के रूप में पूजनीय थे। यही कारण है कि उनकी मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को गहरे शोक में डाल दिया है। ईरान में इस दुखद घटना के बाद 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। बता दें कि शिया इस्लाम में मृत्यु के 40वें दिन यानी ‘अरबाईन’ का विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है।
यह तनावपूर्ण स्थिति शनिवार को हुए अमेरिकी और इस्राइली हमलों के बाद उत्पन्न हुई है, जिसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और ‘लायन’स रोअर’ का नाम दिया गया था। इन हमलों ने मध्य पूर्व सहित दुनिया भर के समीकरण बदल दिए हैं। कश्मीर के मौजूदा हालातों पर प्रशासन पैनी नजर बनाए हुए है ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे। लोग जगह-जगह इकट्ठा होकर ईरान के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त कर रहे हैं।
