उत्तराखण्ड
केदारनाथ यात्रा 2026: पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का काम शुरू, 18 फीट ऊंचे ग्लेशियर काट रहे मजदूर
22 अप्रैल से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा के लिए प्रशासन मुस्तैद। भैरव और कुबेर ग्लेशियर पर जमी 18 फीट बर्फ हटाने के लिए 60 मजदूरों की टीम तैनात। जानें ताजा अपडेट।
रुद्रप्रयाग/केदारनाथ: विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ के कपाट आगामी 22 अप्रैल को खुलने जा रहे हैं। यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी के निर्देश पर शनिवार से केदारनाथ पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का चुनौतीपूर्ण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। 60 मजदूरों के एक विशेष दल ने धाम पहुंचकर सफाई अभियान की कमान संभाल ली है।
डीडीएमए (DDMA) के अधिशासी अभियंता राजविंद सिंह ने बताया कि इस बार पैदल मार्ग के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी हुई है। विशेष रूप से भैरव और कुबेर ग्लेशियर क्षेत्र में 15 से 18 फीट तक बर्फ की मोटी चादर जमी हुई है। इन ग्लेशियरों को काटकर रास्ता बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे मजदूर मैनुअल तरीके से अंजाम दे रहे हैं।
मजदूरों की दो अलग-अलग टीमें इस कार्य में जुटी हैं। पहली टीम केदारनाथ धाम से नीचे की ओर बर्फ साफ करते हुए आ रही है, जबकि दूसरी टीम छोटी लिंचोली से ऊपर की ओर बढ़ते हुए ग्लेशियर प्वाइंट्स पर जमी बर्फ हटा रही है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह है कि यात्रा शुरू होने से कम से कम एक सप्ताह पहले मार्ग को घोड़े-खच्चरों और पैदल यात्रियों के लिए पूरी तरह तैयार कर लिया जाए।
अभियंता राजविंद सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आने वाले दिनों में मौसम खराब होता है या बर्फ हटाने की गति धीमी रहती है, तो अतिरिक्त मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। जिला प्रशासन केदारनाथ यात्रा से जुड़ी सभी बुनियादी सुविधाओं, जैसे पेयजल, बिजली और ठहरने की व्यवस्था को भी समय पर पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। आने वाले दिनों में मार्ग के सुधारीकरण के साथ-साथ रेलिंग और पड़ावों की मरम्मत का काम भी शुरू किया जाएगा।
