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नई दिल्ली

ईरान-अमेरिका युद्ध विराम: डोनाल्ड ट्रंप ने किया 2 हफ्ते के सीजफायर का ऐलान

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अमेरिका और ईरान 2 हफ्ते के युद्ध-विराम पर राजी हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की पुष्टि की है।

वॉशिंगटन/तेहरान: महीनों से चले आ रहे भीषण तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच आखिरकार **2 हफ्तों के सीजफायर (Ceasefire)** पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को इस ऐतिहासिक युद्ध-विराम की घोषणा की। यह फैसला उस वक्त आया जब ट्रंप ने कुछ ही घंटों पहले ईरान को “पूरी सभ्यता मिटा देने” की सख्त चेतावनी दी थी। अब अमेरिका ने अपने हमले के खतरे से पीछे हटने का निर्णय लिया है।
**ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रस्ताव पर लगाई मुहर**
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी दी कि उन्होंने पाकिस्तान द्वारा दिए गए शांति प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इस प्रस्ताव के तहत अगले 14 दिनों तक युद्ध रुका रहेगा और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण **होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)** को तुरंत व्यापार के लिए खोल दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस समय का उपयोग ईरान के साथ एक अंतिम और स्थायी शांति समझौता करने के लिए करेगा।
**ईरान ने रखी अपनी शर्तें**
ईरान के विदेश मंत्री **सैयद अब्बास अराघची** ने भी इस युद्ध-विराम की पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ईरान पर हमले रुकते हैं, तो उनकी सेना रक्षात्मक कार्रवाई बंद कर देगी। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही के लिए ईरानी सशस्त्र सेनाओं के साथ समन्वय करना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने यह फैसला अपने सहयोगी चीन के हस्तक्षेप और पाकिस्तान की ‘भाईचारे वाली अपील’ के बाद लिया है।
**अब तक हुआ भारी नुकसान**
28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष ने भारी तबाही मचाई है। आंकड़ों के मुताबिक, ईरान में अब तक 1,900 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। वहीं, लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह की जंग में 1,500 से ज्यादा लोगों की जान गई है। इस युद्ध में 13 अमेरिकी सैनिकों और 11 इजरायली सैनिकों ने भी अपनी जान गंवाई है। अब दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ये दो हफ्ते एक स्थायी शांति की नींव रख पाएंगे।

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