देहरादून
सीएम धामी का संकल्प: पशुपालन और मत्स्य पालन से मजबूत होगी उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पशुपालकों और मत्स्य पालकों से किया संवाद। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्वरोजगार से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने पर दिया जोर। पूरी खबर पढ़ें।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों के साथ सीधा संवाद कर ग्रामीण विकास का नया रोडमैप साझा किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पशुपालन और मत्स्य पालन को महज व्यवसाय नहीं, बल्कि स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम मानती है। सरकार का मुख्य लक्ष्य इन क्षेत्रों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार पशुपालकों और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। प्रदेश में संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम छोर पर खड़े लाभार्थियों तक पहुँचाया जा रहा है। उनके नेतृत्व में उत्तराखंड में दुग्ध और मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि गांवों में आर्थिक गतिविधियों को तेज कर ही ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ का सपना साकार किया जा सकता है। सरकार की कोशिश है कि पलायन को रोककर युवाओं को अपने ही गांव में मत्स्य पालन और डेयरी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल हेतु प्रोत्साहित किया जाए। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश के उत्पादों को नई पहचान भी मिलेगी।
कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए। अंत में, सीएम धामी ने विभिन्न विभागों के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रसार के लिए समर्पित होंगे।
