हरिद्वार
हरिद्वार पुलिस की बड़ी कामयाबी: 4 महीने की मासूम हावड़ा रूट से सकुशल बरामद, बच्चा चोर गिरोह के 3 गिरफ्तार
हरिद्वार पुलिस ने 4 माह की बच्ची को चोरी करने वाले दंपत्ति और एक बाबा को गिरफ्तार किया है। 3 लाख के लालच में लड़का समझकर की थी मासूम की चोरी। पुलिस ने हावड़ा तक की थी तलाश।
हरिद्वार। लगातार हो रही बच्चा चोरी की घटनाओं के खिलाफ हरिद्वार पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसएसपी नवनीत सिंह की अगुवाई में कोतवाली नगर पुलिस और सीआईयू की टीम ने विष्णु घाट से चोरी हुई 4 महीने की मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में बच्चा चोरी करने वाले दंपत्ति और उन्हें पनाह देने वाले एक तथाकथित बाबा सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 10 दिन पहले पीड़ित परिवार जब गंगा स्नान के बाद पेड़ के नीचे सो रहा था, तब आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया था।
मासूम की तलाश में हरिद्वार पुलिस ने उत्तराखंड से लेकर पश्चिम बंगाल के हावड़ा तक का सफर तय किया। शुरुआती जांच में संदिग्ध जोड़ा उत्तर प्रदेश परिवहन की बस से धामपुर और फिर हावड़ा जाने वाली ट्रेन में बैठता हुआ दिखाई दिया था। धामपुर से हावड़ा के बीच 65 स्टेशनों पर सघन छानबीन के बाद भी जब कोई ठोस सुराग नहीं मिला, तो पुलिस ने तकनीकी टीम की मदद से रूट को रिवर्स ट्रैक किया। इसके बाद कड़ियां जुड़ती गईं और पुलिस शिवालिक नगर क्षेत्र के ब्रह्मपुरी में झाड़-फूंक करने वाले बाबा सत्यपाल की झोपड़ी तक जा पहुंची।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बेहद सनसनीखेज खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपी दंपत्ति लाल बहादुर और प्रीति रानी (निवासी इटावा, उत्तर प्रदेश) ने बताया कि उन्हें किसी निःसंतान दंपत्ति को लड़का डिलीवर करने के बदले 3 लाख रुपये का लालच मिला था। मोटी रकम की चाह में उन्होंने ब्रह्मपुरी के बाबा सत्यपाल के साथ मिलकर साजिश रची। 28 मई की सुबह विष्णु घाट पर अंधेरे का फायदा उठाकर उन्होंने गहरी नींद में सो रहे परिवार के बीच से बच्चा चुराया, लेकिन हड़बड़ाहट में वे लड़के की जगह 4 महीने की लड़की को उठा ले गए। लड़की होने का पता चलने पर वे उसे ठिकाने लगाने की फिराक में थे।
एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि हरिद्वार पुलिस ने हाल ही में कनखल और कलियर क्षेत्र से भी चोरी हुए बच्चों को सकुशल रिकवर किया है। पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इस सराहनीय कार्य के लिए स्थानीय जनता और पीड़ित परिवार ने हरिद्वार पुलिस और तकनीकी टीम की जमकर सराहना की है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
