Connect with us

हरिद्वार

हरिद्वार में संस्कार भारती की काव्य गोष्ठी: साहित्यकारों ने बिखेरे रचनाओं के रंग

Published

on

खबर शेयर करें 👉

हरिद्वार के शिवालिक नगर में संस्कार भारती की परिचय एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि पद्म कांत शर्मा ‘प्रभात’ ने साहित्य को समाज की आत्मा बताया।

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के शिवालिक नगर स्थित फेस-3 सामुदायिक केंद्र में ‘संस्कार भारती’ महानगर इकाई द्वारा एक भव्य परिचय एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक कार्यक्रम में लखनऊ से पधारे ‘कला कुंज भारती’ के मुख्य संपादक पद्म कांत शर्मा ‘प्रभात’ ने मुख्य अतिथि के रूप में विशिष्ट सहभागिता की। गोष्ठी में क्षेत्र के तमाम प्रबुद्ध साहित्यकारों और गद्य-पद्य विधा के रचनाकारों ने हिस्सा लेकर इसे यादगार बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत अरुण कुमार पाठक द्वारा प्रस्तुत मधुर वाणी वंदना “माँ शारदे, माँ शारदे तुमको नमन स्वीकार हो” से हुई। इसके बाद उपस्थित सभी रचनाकारों ने अपना परिचय दिया और अपनी उत्कृष्ट काव्य रचनाओं का पाठ किया। कवियों ने अपनी शानदार कविताओं, गीतों, ग़ज़लों और विविध साहित्यिक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, गद्य विधा के लेखकों ने भी अपने संस्मरणों और गद्यांशों की अनूठी बानगी पेश की।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मुख्य अतिथि पद्म कांत शर्मा ‘प्रभात’ ने साहित्य की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज की आत्मा है और एक सशक्त लेखनी ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है। उन्होंने ‘कला कुंज भारती’ पत्रिका के लिए रचनाएं भेजने के जरूरी दिशा-निर्देश भी साझा किए। साथ ही उन्होंने सभी साहित्य साधकों को निरंतर लेखन और नए सृजन के लिए प्रेरित किया।
चेतना पथ के संपादक अरुण कुमार पाठक की अध्यक्षता में आयोजित यह गोष्ठी बेहद सफल रही। इस दौरान प्रांतीय मंत्री राकेश मालवीय, सह-संपर्क प्रमुख अमित कुमार मीत और इकाई मंत्री संतोष साहू सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने साहित्य, संस्कृति और भारतीय जीवन मूल्यों के संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करने और सांस्कृतिक चेतना फैलाने का दृढ़ संकल्प लिया।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement