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भालू के हमले में गंभीर महिला की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत
पौड़ी के ढंगल गांव में जंगल गई महिला पर भालू ने हमला कर दिया। रामनगर अस्पताल में इलाज के दौरान अधिक खून बहने से महिला ने दम तोड़ दिया।
पौड़ी। रामनगर क्षेत्र में वन्यजीव के हमले का दर्दनाक मामला सामने आया है। पौड़ी गढ़वाल के धूमाकोट नैनीडांडा ब्लॉक स्थित ढंगल गांव में भालू के हमले से गंभीर रूप से घायल महिला की रामनगर के सरकारी अस्पताल में मौत हो गई। मृतका की पहचान ढंगल गांव निवासी मंजू देवी के रूप में हुई है। इस दुखद घटना के बाद से पीड़िता के गांव और परिवार में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, मंजू देवी गांव की अन्य महिलाओं के साथ पास के जंगल में लकड़ी लेने गई थीं। इसी दौरान अचानक झाड़ियों से निकलकर एक खूंखार भालू ने उन पर हमला बोल दिया। भालू ने महिला के सिर और चेहरे पर लगातार कई वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। साथ गई महिलाओं के जोर-जोर से शोर मचाने के बाद भालू जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ।
घटना के तुरंत बाद परिजन घायल महिला को निजी वाहन से करीब तीन घंटे का सफर तय करके रामनगर के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर करने की तैयारी की, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण महिला ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तपन शर्मा ने बताया कि अत्यधिक ब्लीडिंग होना मौत की मुख्य वजह बनी।
गढ़वाल कुमाऊं विकास समिति के प्रतिनिधि शशिपाल रावत ने घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को त्वरित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाने के लिए प्रदेश के वन मंत्री को पत्र भेजा गया है। इसके अलावा लैंसडाउन वन क्षेत्राधिकारी को पत्र लिखकर क्षेत्र में ग्रामीणों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की गई है।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जंगलों के आसपास भालू और अन्य वन्यजीवों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और आदमखोर व हिंसक जानवरों से सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है। पुलिस और प्रशासन ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
