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उत्तराखण्ड

मुख्यमंत्री के बाद समाज कल्याण मंत्री को भी मिली पन्नू धमकी, प्रशासन अलर्ट

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रामनगर में जी-20 सम्मेलन आज से, पन्नू ने सम्मेलन में खालिस्तान समर्थन के झंडे लगाने की धमकी दी

देहरादून। प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू ने रिकॉर्डेड कॉल के जरिये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बाद समाज कल्याण मंत्री चंदनराम दास को भी धमकी दी है। धमकी जी-20 बैठक के दौरान खालिस्तान समर्थन के झंडे लगाने की धमकी थी। इस धमकी के बाद समूचे पुलिस प्रशासन एक्शन में आ गया।
उत्तराखंड के रामनगर में आज से जी-20 कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सभी को अलर्ट मोड पर रखा गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी इस प्रकार की चीजें हैं, उन्हें प्रशासन देख रहा है। मुख्यमंत्री जी-20 के कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने तीन-तीन बैठकें उत्तराखंड को दीं। रामनगर में राउंड द टेबल बैठक हो रही है। यह बहुत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इस आयोजन से प्रदेश को देश दुनिया की पहचान मिलेगी। संपूर्ण विश्व भारत के साथ उत्तराखंड को भी जानेगा।
समाज कल्याण मंत्री चंदनराम दास ने कहा खालिस्तान के नाम पर उन्हें दो बार इसमें शामिल न होने की धमकी मिली है। रिकॉर्डेड मैसेज के माध्यम से मिली धमकी में उन्हें कहा गया कि रामनगर क्षेत्र खालिस्तान का है। वह जी 20 सम्मेलन में शामिल न हों। जिस नंबर से कॉल आई उस नंबर की आईडी अर्चना चौहान नाम की महिला की है। समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक और एसएसपी को इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू ने रिकॉर्डेड कॉल के जरिये जी-20 बैठक के दौरान खालिस्तान समर्थन के झंडे लगाने की धमकी थी। इस धमकी के बाद समूचे पुलिस प्रशासन एक्शन में आ गया। मुख्यमंत्री ने भी इस संबंध में गृह और पुलिस विभाग से रिपोर्ट ली है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उत्तराखंड में सिख फॉर जस्टिस संगठन का कोई आधार नहीं है। यहां पर उसके समर्थक भी पुलिस की नजर में नहीं आए हैं।

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