उत्तराखण्ड
आपदा के बीच धामी सरकार का बड़ा फैसला: सेब काश्तकारों को मिला समर्थन मूल्य का सहारा
देहरादून। उत्तरकाशी में आपदा से जूझ रहे सेब उत्पादक किसानों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सरकार ने रॉयल डिलीशियस सेब का न्यूनतम समर्थन मूल्य 51 रुपये प्रति किलो और रेड डिलीशियस का 45 रुपये प्रति किलो निर्धारित कर दिया है। इससे संकट के दौर से गुजर रहे काश्तकारों को आर्थिक सहारा मिलेगा।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने जानकारी दी कि हर्षिल घाटी का सेब देश-दुनिया में खास पहचान रखता है, लेकिन हाल ही में धराली क्षेत्र की आपदा ने स्थानीय किसानों को भारी क्षति पहुंचाई है। किसानों की लगातार मांग थी कि सरकार सेब खरीद की गारंटी दे। अब समर्थन मूल्य घोषित होने से उन्हें राहत मिलेगी। अभी तक केवल सी-ग्रेड सेब का मूल्य 13 रुपये प्रति किलो तय किया गया था, जिससे किसानों को लागत भी पूरी नहीं हो पा रही थी।
मंत्री जोशी ने बताया कि अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से औद्यानिक और कृषि फसलों को भारी नुकसान हुआ है। अब तक 12,549.52 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित पाया गया है, जिसमें से 5,054.65 हेक्टेयर क्षेत्र को 33 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई है। इसमें सिंचित क्षेत्र की 1,454.99 हेक्टेयर और असिंचित क्षेत्र की 3,600.66 हेक्टेयर फसलें शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि यह कदम आपदा से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने के साथ-साथ राज्य की बागवानी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। काश्तकारों का कहना है कि उचित समर्थन मूल्य मिलने से उन्हें अपनी मेहनत का सही दाम मिलेगा और वे भविष्य में फिर से खेती-बागवानी के लिए प्रेरित होंगे।
