देहरादून
अंकिता भंडारी केस: माता-पिता से मिलेंगे सीएम धामी, विवादित ऑडियो और पोस्ट पर SIT की पैनी नजर
अंकिता भंडारी मामले में सीएम पुष्कर सिंह धामी जल्द परिजनों से करेंगे मुलाकात। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो और भड़काऊ पोस्ट की जांच के लिए SIT गठित, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई।
देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री जल्द ही अंकिता के माता-पिता से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य जांच की दिशा और सरकार से उनकी अपेक्षाओं को समझना है। सूत्रों के अनुसार, देहरादून में होने वाली इस बैठक के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सीएम ने स्पष्ट किया है कि सरकार परिजनों की भावनाओं के अनुरूप ही आगामी निर्णय लेगी।
विवादित ऑडियो की जांच के लिए SIT गठित
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ऑडियो को लेकर प्रदेश का माहौल गरमाया हुआ है। सीएम धामी ने कहा कि इस ऑडियो से सबसे अधिक अंकिता का परिवार प्रभावित हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सत्यता जांचने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि सबूत पाए जाते हैं, तो कोई भी दोषी व्यक्ति कानून की पकड़ से बच नहीं पाएगा।
भड़काऊ पोस्ट डालने वाले जांच के दायरे में
दूसरी ओर, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम की शिकायत पर पुलिस ने डालनवाला थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि सोशल मीडिया पर अंकिता के नाम पर विवादित पोस्ट के जरिए प्रदेश में दंगे भड़काने और सरकार की छवि खराब करने की साजिश रची जा रही है। पुलिस अब उन सभी डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है, जिन्होंने आपत्तिजनक कमेंट किए या भ्रामक पोस्ट शेयर की हैं।
दोषियों पर होगी डिजिटल स्ट्राइक
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच अधिकारी को ठोस साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का मुख्य ध्यान उन हैंडलर्स पर है जिनकी मंशा शांति व्यवस्था बिगाड़ने की रही है। डिजिटल साक्ष्यों के संकलन के बाद संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जा सकते हैं। सरकार का साफ कहना है कि न्याय की इस लड़ाई में किसी भी तरह के प्रोपेगेंडा या अफवाह को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
