नई दिल्ली
झारखंड में सीजीएल परीक्षा दो चरणों में होगी, कैबिनेट ने दी स्वीकृति
रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तर (CGL) परीक्षा अब दो चरणों में होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस बदलाव पर मुहर लगाई गई है। कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि अब परीक्षा प्रारंभिक और मुख्य, दोनों रूपों में होगी। पूर्व में स्नातक स्तर की परीक्षा केवल मुख्य परीक्षा के रूप में ली जाती थी, लेकिन 2021 में संशोधन करते हुए एक-चरणीय परीक्षा की स्वीकृति दी गई थी। हाल ही में JSSC ने राज्य सरकार से फिर से दो चरणों में परीक्षा आयोजित करने की सिफारिश की थी, जिसे कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया है। कैबिनेट सचिव ने बताया कि यदि आवेदन 50 हजार से कम आएंगे, तो प्रारंभिक परीक्षा नहीं होगी। इस सीमा से अधिक आवेदन मिलने पर आयोग स्थितियों के आधार पर सीधे मुख्य परीक्षा आयोजित करने का निर्णय ले सकेगा।
दिव्यांग आरक्षण बढ़ाकर 5%, अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट में झारखंड राज्य आवास बोर्ड के तहत दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आवासीय भूखंड में 5% क्षैतिज आरक्षण देने के संशोधन को मंजूरी दी गई है, जो पहले केवल 3% था। साथ ही, राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों की प्रोन्नति से संबंधित नए नियमावली-2025 को भी मंजूरी दी गई। पूर्व में 1993 की नियमावली लागू थी, जिसमें प्रोन्नति प्रक्रिया में कई अस्पष्टताएं थीं।
इस बैठक में कुल 26 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए, जिससे झारखंड में सरकारी भर्ती व आवासीय योजनाओं में व्यापक बदलाव देखने को मिलेंगे। इन निर्णयों से पारदर्शिता व दिव्यांगों के लिए अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
