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हल्द्वानी

निजी अस्पताल में डेंगू मरीज की मौत, परिवारजनों को हंगामा

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हल्द्वानी। नैनीताल रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती डेंगू मरीज की मौत पर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों ने शव भी नहीं लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ तहरीर सौंपी है।
मूल रूप से ग्वाला कोट, अल्मोड़ा निवासी जगदीश मेहरा (47) वर्ष 2005 से हल्द्वानी में टैक्सी चलाते थे। वर्तमान में कमलुवागांजा में रहने वाले जगदीश ने शुक्रवार को खून की जांच कराई थी, जिसमें डेंगू के लक्षण की बात सामने आई। शनिवार को जगदीश अस्पताल में भर्ती हुए। जांच में प्लेटलेट्स बहुत कम आईं। परिजनों के मुताबिक दोपहर दो बजे सीनियर डॉक्टर देखने पहुंचे लेकिन उसके बाद से शाम तक कोई नहीं आया। शाम पांच बजे पहुंचे जूनियर डॉक्टर प्लाज्मा चढ़ाने की बात कही। किसी तरह परिजन प्लाज्मा लेकर पहुंचे लेकिन दो घंटे तक चढ़ाया नहीं गया। इस दौरान एक इंजेक्शन लगाया था। कुछ देर बाद ही जगदीश के मृत होने की बात कही। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। वहीं अस्पताल प्रबंधक डॉ. शैलेंद्र मिश्रा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।
परिजनों ने बताया कि पहले जगदीश को अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर भर्ती किया गया था। दोपहर बाद जब प्लाज्मा चढ़ाने की बात कही तो परिजनों ने मरीज को आईसीयू तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर मांगा। आरोप है कि उनसेे दुर्व्यवहार किया गया। परिजन कंधे पर आईसीयू तक ले गए।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि इलाज के दौरान स्टाफ का एक सदस्य नशे में था। पुलिस ने उसका मेडिकल भी कराया है। सवाल यह भी है क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में एमबीबीएस डॉक्टर की नियुक्ति होनी चाहिए, इसकी जगह पर बीएएमएस की ड्यूटी क्यों लगाई गई?

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