Connect with us

अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

अतिक्रमण को हटाए जाने के संबंध में जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक आयोजित की, संबंधित अधिकारियों को दिये अहम निर्देश

Published

on

खबर शेयर करें 👉

चंपावत- उच्च न्यायालय के अतिक्रमण के संबंध में योजित पीआईएल पर दिए गए निर्णय के अनुपालन के सम्बंध मे नदी तटों, वन भूमि, राजमार्गों और सड़कों में हुए अतिक्रमण हटाने हेतु संबंधित प्रभागीय वन अधिकारियो, उप जिलाधिकारियो एवं लोक निर्माण विभाग, एन एच के अधिशासी अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुई।

उच्च न्यायालय के आदेशों अनुसार अतिक्रमण को हटाया जाना नितांत आवश्यकीय है : जिलाधिकारी

उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में अतिक्रमण को हटाए जाने के संबंध में जनपद स्तर पर की जा रही कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी नवनीत पांडेय ने अधिकारियों को निर्देश दिए की उच्च न्यायालय के आदेशों अनुसार उक्त स्थान से अतिक्रमण को हटाया जाना नितांत आवश्यकीय है। सड़क निर्माण विभाग एवं वन विभाग द्वारा जितने भी स्थान को चिन्हित किया गया है उन्हें हटाए जाने हेतु संबंधित को नोटिस देते हुए अतिक्रमण को हटाया जाए। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग चंपावत/ लोहाघाट के साथ साथ वन विभाग के तीनों प्रभागों चंपावत, हल्द्वानी व तराई पूर्वी के अधिकारियों से वर्तमान तक हटाये गए अतिक्रमण की जानकारी ली गई। राष्ट्रीय राजमार्ग लोहाघाट सुनील कुमार ने अवगत कराया कि टनकपुर से घाट तक राष्ट्रीय राजमार्ग में कुल 94 अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे। जिन्हें नोटिस देने के उपरांत प्रथम चरण के 65 अतिक्रमण हट गए हैं। प्रखंड लोहाघाट एवं चंपावत लोक निर्माण विभाग से आए अधिशासी अभियंता द्वारा अवगत कराया गया कि लोहाघाट खंड अंतर्गत अतिक्रमण चिन्हीकरण एवं नोटिस की कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान तक दो अतिक्रमण हटे हैं। तथा चंपावत अंतर्गत भी अतिक्रमण चिह्नित कर नोटिस जारी की कार्यवाही नोटिस जारी करते हुए 4 अतिक्रमण हटे हैं। प्रभातिया वन अधिकारी आरसी कांडपाल ने अवगत कराया कि चंपावत वन विभाग अंतर्गत 75 अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे जिन्हें नोटिस दिया गया है। जिनमें से पांच अतिक्रमण हट गए हैं। इसी प्रकार प्रभाग हल्द्वानी अंतर्गत पांच अतिक्रमण व तराई पूर्वी अंतर्गत एक अतिक्रमण चिह्नित कर हटाने की कार्यवाही गतिमान है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पिंचा, प्रभागीय वनाधिकारी आरसी कांडपाल, अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी केके अग्रवाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय समेत अन्य अधिकारी व वही वर्चुअल माध्यम से डीएफओ हल्द्वानी व पूर्वी तराई के जुड़े रहे।

Select Language

Advertisement