Connect with us

उत्तराखण्ड

यहां शराब पकड़ने के लिए हो रहा ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल

Published

on

खबर शेयर करें 👉

400 छापेमारी, अब तक कच्ची शराब बनाने की 200 भट्टियां तोड़ीः प्रभाशंकर मिश्रा
हरिद्वार।
अवैध शराब के धंधे पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने ड्रोन तकनीकी का सहारा लिया है। जिला पंचायत चुनाव में जहरीली शराबकांड के बाद से आबकारी विभाग ने अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाया है। ड्रोन कैमरे की मदद से जंगलों और गंगा किनारे झाड़ियों में बनाई जा रही कच्ची शराब पकड़ी जा रही है।


जिला आबकारी अधिकारी प्रभाशंकर मिश्रा के मुताबिक ड्रोन से बड़ी सफलता मिल रही है। प्रभा शंकर मिश्रा ने बताया कि सितंबर में जहरीली शराब की घटना घटित होने के बाद से ही आबकारी विभाग अलर्ट है। लगभग 400 छापेमारी की कार्रवाई कर अवैध शराब बनाने वाली 200 भट्टियां नष्ट की हैं। करीब 70 हजार कुंटल लहन जब्त कर नष्ट किया है। पांच हजार लीटर कच्ची शराब बरामद की है। पिछले 15 दिनों में ही विभाग द्वारा 243 छापेमारी की कार्रवाई कर 50 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
पूरे जिले में चार टीमें छापेमारी की कार्रवाई कर रही है। देहात क्षेत्र में पथरी नाले के पास दो दर्जन के करीब गांव हैं। जिनके आसपास जंगल है। जहां अवैध शराब का बड़े पैमाने पर कारोबार किया जाता है।

यह भी पढ़ें 👉  ऋषिकेश में होटल के कमरे में पंखे पर लटका मिला दिल्ली के एक पर्यटक का शव

सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार कार्रवाई की जा रही है। कोशिश है कि जिले में अवैध शराब का कारोबार बंद हो। जिससे जनहानि भी ना हो और रेवेन्यू भी बढ़ सके।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तरकाशी: भालू के हमले से बचने के दौरान महिला पहाड़ी से गिरी, ओंगी गांव में दर्दनाक मौत; ग्रामीणों में दहशत

Select Language

Advertisement