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हल्द्वानी: ‘उपपा’ का जन-संपर्क तेज़ करने का फैसला, भ्रष्टाचार और 70% युवाओं के नशे पर सरकार को घेरा; व्यापक बैठकों की तैयारी

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उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) ने हल्द्वानी की समस्याओं पर चिंता जताते हुए जन-संपर्क तेज़ करने का निर्णय लिया है। पार्टी ने भ्रष्टाचार, चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था और युवाओं में बढ़ते नशे को मुख्य मुद्दा बनाया।

हल्द्वानी: उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) की एक महत्वपूर्ण बैठक हल्द्वानी में आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश और विशेष रूप से हल्द्वानी की मौजूदा समस्याओं पर गहन चर्चा करना था। बैठक में उपस्थित अधिकांश वक्ताओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि संपूर्ण सरकारी तंत्र भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा हुआ है। उनका मानना था कि सरकारी मशीनरी जन समस्याओं के प्रति सहानुभूति रहित और पूरी तरह संवेदनाहीन हो गई है।
वक्ताओं ने सबसे बड़ी चिंता स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर जताई, जिसे उन्होंने चरमराई हुई बताया। इसके अलावा, हल्द्वानी में बढ़ते नशे के प्रकोप पर गंभीर चर्चा हुई। उपपा नेताओं का दावा है कि शहर के अधिकांश छात्र नशे का शिकार हैं, और लगभग 70% युवा नशे की चपेट में आ चुके हैं। एडवोकेट जितेंद्र तिवारी ने हल्द्वानी में चल रहे निर्माण कार्यों में प्राधिकरण की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए।
इन सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करने के बाद, उपपा और उसके सहयोगी संगठनों ने एक बड़ा निर्णय लिया है। पार्टी अब समस्याओं के समाधान के लिए एक ठोस रूपरेखा तैयार करने हेतु हल्द्वानी के अलग-अलग क्षेत्रों में व्यापक जन संपर्क अभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। बैठक का संचालन हल्द्वानी में उपपा के संयोजक अशोक डालाकोटी ने किया।
इस विचार विमर्श में बिशन दत्त सनवाल, दीवान सिंह खनी, एडवोकेट संगीता पांडेय, एडवोकेट जितेंद्र तिवाड़ी, हंसा दत्त उपाध्याय और एडवोकेट मनीषा जैसे प्रमुख सदस्यों ने हिस्सा लिया। उपपा का यह निर्णय दर्शाता है कि पार्टी अब स्थानीय समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरने और जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की तैयारी में है। पार्टी का लक्ष्य है कि इन जरूरी मुद्दों पर जनता को जागरूक किया जाए।

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