अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
उत्तराखंड में खत्म हो VIP संस्कृति, तभी मिलेगा न्याय: पी.सी. तिवारी
उपपा की ‘परिवर्तन जनसंवाद यात्रा’ में अध्यक्ष पी.सी. तिवारी ने सरकार को घेरा। अंकिता हत्याकांड और वीआईपी कल्चर पर उठाए गंभीर सवाल। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
अल्मोड़ा: उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) की ‘परिवर्तन जनसंवाद यात्रा’ इन दिनों पूरे प्रदेश में जोर-शोर से चल रही है। इस यात्रा के माध्यम से पार्टी राज्य की मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक बदहाली के खिलाफ जनता को एकजुट कर रही है। उपपा का मुख्य लक्ष्य उत्तराखंड के जल, जंगल, जमीन, रोजगार और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर एक सशक्त जन-आधारित विकल्प तैयार करना है।
यात्रा के दौरान अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए उपपा अध्यक्ष पी. सी. तिवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘वीआईपी संस्कृति’ लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है। तिवारी ने अंकिता हत्याकांड का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण के कारण आज तक असली वीआईपी का नाम सामने नहीं आ सका है।
पार्टी के अनुसार, राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और महिलाओं की सुरक्षा गंभीर संकट में है। पी. सी. तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक सत्ता का संरक्षण और वीआईपी कल्चर खत्म नहीं होगा, तब तक आम जनता को न्याय मिलना नामुमकिन है। उन्होंने सरकार को संवेदनहीन बताते हुए पलायन और शिक्षा जैसे मुद्दों पर विफल करार दिया।
परिवर्तन जनसंवाद यात्रा के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं ने कोसी, सोमेश्वर, कौसानी और गरुड़ सहित कई क्षेत्रों में नुक्कड़ सभाएं कीं। इन सभाओं में स्थानीय लोगों ने अपनी समस्याओं को लेकर भारी आक्रोश व्यक्त किया। इस अभियान में गोपाल, किरन, पूजा, दीक्षा और हर्ष काफर सहित दर्जनों कार्यकर्ता सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
अंत में, उपपा ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पार्टी अब गांव-गांव जाकर लोगों को संगठित कर रही है ताकि सड़कों से सदन तक संघर्ष को ले जाया जा सके। जनता के बीच मिल रहे समर्थन से उपपा नेतृत्व उत्साहित नजर आ रहा है।
