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हल्द्वानी की ज्योति अधिकारी को मिली जमानत, अब खटीमा पुलिस ने लिया रिमांड पर

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हल्द्वानी की इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को कोर्ट से जमानत मिली, लेकिन खटीमा पुलिस ने फिर हिरासत में लिया। जानें उनके वकील के दावे और पुलिस की अगली कार्रवाई।

हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी की चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी के मामले में नया मोड़ आ गया है। 5 दिनों तक जेल में रहने के बाद, मंगलवार को हल्द्वानी की एसीजे कोर्ट सेकेंड ने उन्हें दो मामलों में जमानत दे दी। हालांकि, जेल से बाहर आने से पहले ही खटीमा पुलिस ने उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया है। अब उन्हें बुधवार सुबह खटीमा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
ज्योति अधिकारी के खिलाफ उत्तराखंड के विभिन्न थानों में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में मुकदमे दर्ज हैं। उनके वकील जितेंद्र सिंह बिष्ट ने न्यायालय में दलील दी कि ज्योति ने कभी भी कुमाऊं की गौरवशाली संस्कृति या लोक देवताओं का अपमान नहीं किया। वकील का दावा है कि 28 दिसंबर को पोस्ट किए गए जिस वीडियो के आधार पर कार्रवाई हुई, उसे गलत तरीके से पेश किया गया है।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि ज्योति अधिकारी के भीतर स्वयं ‘माता’ अवतरित होती हैं, इसलिए वे किसी की आस्था का अपमान करने की सोच भी नहीं सकतीं। उनके बयानों को संदर्भ से काटकर वायरल किया गया था। वकील के अनुसार, पुलिस जांच में भी यह संकेत मिला है कि वीडियो की व्याख्या गलत की गई थी, जिसके आधार पर कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी।
भले ही हल्द्वानी कोर्ट से उन्हें राहत मिल गई हो, लेकिन खटीमा और प्रदेश के अन्य हिस्सों में दर्ज मुकदमों ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खटीमा पुलिस अब उनके खिलाफ दर्ज मामलों में पूछताछ के लिए उन्हें रिमांड पर ले चुकी है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो के पीछे की मंशा क्या थी और इससे सामाजिक सौहार्द पर क्या असर पड़ा।
यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ जहां स्थानीय लोग संस्कृति के अपमान पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कानूनी प्रक्रिया अपना काम कर रही है। अब सबकी नजरें बुधवार को खटीमा कोर्ट में होने वाली पेशी पर टिकी हैं, जहां ज्योति अधिकारी के भविष्य का फैसला होगा।

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