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हरिद्वार: 6000 छात्रों ने किया गीता ज्ञान प्रतियोगिता में प्रतिभाग, 8 साल का रिकॉर्ड टूटा

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धर्म नगरी हरिद्वार में अध्यात्म चेतना संघ की 13वीं वार्षिक श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता में 10 स्कूलों के 6000 विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया। जानें प्रतियोगिता का उद्देश्य और पुरस्कार वितरण की तारीख।

हरिद्वार। धर्म नगरी हरिद्वार में आज आध्यात्म और शिक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिला। विद्यार्थियों में श्रेष्ठ संस्कारों और श्रीमद्भगवद्गीता के मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए अध्यात्म चेतना संघ (रजि.) की ओर से 13वीं वार्षिक श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस वर्ष यह प्रतियोगिता एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए शहर के दस चयनित विद्यालयों के कक्षा 6 से 8 तक के लगभग छह हज़ार विद्यार्थियों को जोड़ा।


उत्कृष्ट तैयारी और उत्साह
संस्था के संस्थापक और संचालक, आचार्य करुणेश मिश्र, और मीडिया प्रभारी अरुण कुमार पाठक ने बताया कि विद्यार्थियों में ज़बरदस्त उत्साह था। चूँकि सभी प्रतिभागियों को श्रीमद्भगवद्गीता का ऑनलाइन संस्करण और मॉडल प्रश्नपत्र पहले ही उपलब्ध करा दिया गया था, इसलिए प्रतियोगियों ने पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी। अकेले दिल्ली पब्लिक स्कूल, रानीपुर से लगभग 1600 छात्रों ने इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में भाग लिया। शिवडेल पब्लिक स्कूल, गुरु नानक एकेडमी, ज्वालापुर इण्टर कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थान भी इस आयोजन में शामिल रहे।
संस्कार निर्माण का मुख्य उद्देश्य
प्रातः दस बजे वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (Objective Questions) के आधार पर हुई इस परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए संस्था ने प्रत्येक विद्यालय में अपने प्रतिनिधि नियुक्त किए थे। संस्था के महासचिव बृजेश कुमार शर्मा ने इस प्रतियोगिता के लक्ष्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को हिन्दू धर्म ग्रंथों और संस्कारों के प्रति जागरूक बनाकर उन्हें एक ज़िम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि यह प्रयास युवाओं को नैतिक मूल्यों से जोड़ने में सहायक है, जो समाज के लिए बेहद ज़रूरी है।
पुरस्कार और गीता महोत्सव
प्रतियोगिता प्रभारी एम. सी. काला ने विजेताओं के लिए उत्साहवर्धक घोषणा की। प्रथम, द्वितीय, और तृतीय पुरस्कारों के अतिरिक्त, प्रत्येक स्कूल के तीन सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। ये सभी पुरस्कार 21 दिसंबर को आयोजित होने वाले विराट गीता महोत्सव के दौरान दिए जाएंगे। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में आचार्य करुणेश मिश्र, योगाचार्य विशाल शर्मा, अर्चना वर्मा तिवारी, बृजेश शर्मा, प्रदीप सिखौला सहित कई अन्य सदस्यों ने प्रमुख योगदान दिया। अधिक जानकारी और आधिकारिक घोषणाओं के लिए पाठक अध्यात्म चेतना संघ की आधिकारिक वेबसाइट (सुझाव: यहां संस्था की वेबसाइट का लिंक दिया जा सकता है) पर जा सकते हैं।

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