हरिद्वार
हरिद्वार: गंगा की लहरों में डूब रही महिला के लिए देवदूत बने दरोगा संदीप वर्मा, बचाई जान
हरिद्वार के रोड़ी बेलवाला घाट पर गंगा में डूब रही महिला को दरोगा संदीप वर्मा ने साहस दिखाते हुए बचाया। घरेलू विवाद के कारण महिला ने उठाया था खौफनाक कदम। पूरी खबर पढ़ें।
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में पुलिस की तत्परता और अदम्य साहस से एक मां-बेटे की जिंदगी उजड़ने से बच गई। रोड़ी बेलवाला घाट क्षेत्र में गश्त के दौरान पुलिस ने गंगा की तेज लहरों के बीच डूब रही एक महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर मानवता की मिसाल पेश की है। इस जांबाजी के लिए अपर उप निरीक्षक संदीप वर्मा की चारों ओर प्रशंसा हो रही है।
घटना शनिवार, 09 मई 2026 की दोपहर करीब 3 बजे की है। अपर उप निरीक्षक संदीप वर्मा अपने साथी कांस्टेबल अजीत तोमर के साथ रोड़ी बेलवाला क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि विष्णु घाट के पास एक महिला गंगा जी में डूब रही है। दरोगा संदीप वर्मा ने बिना समय गंवाए तत्काल रेस्क्यू शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद महिला को सकुशल बाहर निकाला।
महिला की पहचान 32 वर्षीय ममतेश, निवासी गंगोह (सहारनपुर) के रूप में हुई है। होश में आने के बाद महिला ने बताया कि वह घरेलू कलह और मानसिक परेशानियों के कारण अपने 11 वर्षीय बेटे ऋषभ के साथ हरिद्वार आई थी। पुलिस को उसका बेटा भी घाट के पास अकेला और सहमा हुआ मिला, जिसे सुरक्षित चौकी लाया गया।
महिला की हालत गंभीर थी, लेकिन सही समय पर मिले प्राथमिक उपचार और पुलिस की सक्रियता ने उसे मौत के मुंह से खींच लिया। हरिद्वार पुलिस ने तत्काल महिला के परिजनों से संपर्क किया। शाम को परिजनों के हरिद्वार पहुँचने पर मां और बेटे को उनके सुपुर्द कर दिया गया। अपनों को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने पुलिस टीम का आभार जताया।
हरिद्वार पुलिस का यह कार्य साबित करता है कि वर्दी के भीतर एक संवेदनशील दिल भी धड़कता है। दरोगा संदीप वर्मा और उनकी टीम ने न केवल अपना कर्तव्य निभाया, बल्कि एक टूटते हुए परिवार को नई उम्मीद भी दी। जिले के उच्चाधिकारियों ने भी पुलिस टीम की इस तत्परता की सराहना की है।
