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देवीधुरा में रक्षाबंधन पर आठ मिनट चली ऐतिहासिक बग्वाल, 183 बग्वाली वीर घायल
देवीधुरा। मां वाराही धाम में रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक बग्वाल शनिवार को आठ मिनट तक चली। हजारों दर्शकों की मौजूदगी में हुए इस पारंपरिक युद्ध में 183 बग्वाली वीर घायल हुए, जबकि दर्शक दीर्घा में बैठे कुछ लोग भी मामूली रूप से चोटिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी इस रोमांचक दृश्य के साक्षी बने।
ऐतिहासिक खोलीखांड दुबाचौड़ा मैदान में अपरान्ह 1:58 बजे महेश पुजारी के संकेत पर चारों खाम और सात थोक के लोगों ने मां वाराही मंदिर की परिक्रमा के बाद बग्वाल की शुरुआत की। इस दौरान परंपरा के अनुसार एक-दूसरे पर फल, फूल और पत्थरों की बरसात हुई। मैदान कुछ ही मिनटों में इनसे पट गया और माहौल जोश और उत्साह से भर गया।
पिछले साल जहां बग्वाल 11 मिनट तक चली थी, वहीं इस बार यह आठ मिनट में ही समाप्त हो गई। बग्वाल खत्म करने का संकेत महेश पुजारी ने चंवर झुलाते हुए मैदान में प्रवेश कर दिया। इसके बाद सभी योद्धाओं ने एक-दूसरे से गले मिलकर कुशलक्षेम पूछी और भाईचारे का संदेश दिया।
पीठाचार्य कीर्तिबल्लभ जोशी ने आंखों देखा हाल सुनाते हुए बताया कि खोलीखांड दुबाचौड़ के आसपास के सभी पक्के मकानों और योद्धा भवनों की छतें दर्शकों से खचाखच भरी रहीं। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनज़र कच्चे और जर्जर भवनों में चढ़ने पर सख्त पाबंदी लगा रखी थी। पूरे आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए थे, जिससे यह परंपरा शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुई।
