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हरिद्वार

हरिद्वार: महंत गुमशुदगी मामले में खौफनाक मोड़, दंपत्ति ने कुल्हाड़ी से काटकर नदी में बहाया शव

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भगवानपुर में लापता बाबा बृजेश दास की हत्या का सनसनीखेज खुलासा। दंपत्ति ने कुल्हाड़ी से काटकर की हत्या, नदी में बहाया शव। पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा।

हरिद्वार: जनपद के नवनियुक्त एसएसपी नवनीत सिंह की अगुवाई में हरिद्वार पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए महंत बृजेश दास गुमशुदगी प्रकरण का पर्दाफाश किया है। जिसे पहले केवल एक गुमशुदगी समझा जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी हत्या निकली। पुलिस ने इस मामले में एक दंपत्ति और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है।
भगवानपुर के मोहम्मद बेगपुर निवासी बाबा बृजेश दास बीते 5 फरवरी से लापता थे। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें सीआईयू रुड़की और थाना भगवानपुर की टीम को अहम सुराग मिले। कॉल डिटेल्स से पता चला कि महंत अंतिम बार बागपत निवासी एक महिला के संपर्क में थे। जब पुलिस ने महिला और उसके पति से सख्ती से पूछताछ की, तो हत्या का यह काला सच सामने आया।
पूछताछ में महिला ने बताया कि महंत उसे अक्सर मानसिक और वित्तीय रूप से परेशान कर रहे थे। इस तनाव से छुटकारा पाने के लिए दंपत्ति ने उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 5 फरवरी को योजना के तहत बाबा को घर बुलाया गया, जहां महिला के पति संजीव ने कुल्हाड़ी से वार कर उनकी हत्या कर दी। साक्ष्य छिपाने के लिए मुख्य आरोपी ने अपने भाई जोगेंद्र की मदद से शव और बाइक को कृष्णा नदी में फेंक दिया।
वारदात को छिपाने के लिए आरोपियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने मृतक का मोबाइल, खून से सने कपड़े और गद्दा तक जला दिया। हालांकि, पुलिस ने आरोपियों की निशांदेही पर नदी के किनारे से महंत का शव बरामद कर लिया है। इसके अलावा भूसे के ढेर से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और मोबाइल के अधजले पुर्जे भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने इस मामले में संजीव, उसकी पत्नी और भाई जोगेंद्र (निवासी हरियाणा) को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने सबूत नष्ट करने का पूरा प्रयास किया था, लेकिन सटीक सर्विलांस और पूछताछ के कारण मामला खुल गया। आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

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