हरिद्वार
हरिद्वार में गूँजा राष्ट्रगान: स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में उमड़ा जनसैलाब
हरिद्वार समेत देश के 350 जिलों में स्वतंत्रता सेनानियों की याद में ध्वजारोहण और पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित। 13 अप्रैल को निकलेगी भव्य सम्मान यात्रा।
हरिद्वार: “जिस देश के निवासी अपने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को भूल जाते हैं, वहाँ नए शूरवीर पैदा नहीं होते।” यह विचार स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने व्यक्त किए। अवसर था राष्ट्रव्यापी अभियान ‘हर महीने प्रथम रविवार दस बजे दस मिनट’ का, जिसके तहत आज हरिद्वार सहित देश के लगभग 350 जिलों में शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की गई।
हरिद्वार के जटवाड़ा पुल स्थित अमर शहीद जगदीश वत्स पार्क में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहाँ 102 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उपस्थित जनसमूह ने राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ शहीदों को नमन किया। इस दौरान वक्ताओं ने नई पीढ़ी में देशभक्ति का जज्बा जगाने के लिए ऐसे आयोजनों को अनिवार्य बताया।
जितेन्द्र रघुवंशी ने बताया कि यह अभियान 40 महीने पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्मस्थली कटक से शुरू हुआ था। अब यह देश के 23 प्रांतों में एक संकल्प बन चुका है। इसी कड़ी में आगामी 13 अप्रैल को हरिद्वार में एक भव्य ‘स्वतंत्रता सेनानी शहीद सम्मान यात्रा’ निकाली जाएगी। यह यात्रा ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज तक जाएगी, जहाँ राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होगा।
इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आचार्य बालकृष्ण जैसे गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में ले. आर. माधवन और स्वामी लेखराज जैसे वयोवृद्ध सेनानियों की उपस्थिति विशेष आकर्षण रहेगी। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी समिति के प्रयासों की सराहना की। उपस्थित लोगों ने सेनानियों की गाथाओं को सहेजने के लिए एक संग्रहालय बनाने का सुझाव भी दिया।
अंत में, ठाकुर तुंगल सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए समाज से जातिवाद मिटाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय नागरिक, साहित्यकार और शहीद परिवारों के सदस्य मौजूद रहे। यह आयोजन न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि थी, बल्कि समाज को एकजुट करने का एक सशक्त माध्यम भी बना।
