नई दिल्ली
बेंगलुरु में आरसीबी की जीत का जश्न मातम में बदला: भगदड़ में 11 की मौत, 47 घायल
बेंगलुरु। आईपीएल में आरसीबी (रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर) की जीत का जश्न बुधवार को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास मातम में बदल गया। स्टेडियम के बाहर उमड़ी बेकाबू भीड़ में भगदड़ मचने से 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 47 लोग घायल हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
कर्नाटक सरकार ने मृतकों के परिजनों को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और घटना पर दुख व्यक्त किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरसीबी की जीत का जश्न देखने के लिए स्टेडियम के बाहर करीब तीन लाख लोग जमा हो गए थे, जबकि स्टेडियम की क्षमता महज 40 हजार है। इस भारी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस पूरी तरह असफल रही। प्रशंसकों की भीड़ स्टेडियम के अंदर घुसने की कोशिश में प्रवेश द्वार के बाहर भगदड़ का शिकार हो गई।
घटना में कई लोग बेहोश हो गए, जिन्हें सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की गई। घायलों को एंबुलेंस के जरिए वैदेही अस्पताल और बोवरिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, सड़कों पर भीड़ के चलते एंबुलेंस को अस्पताल पहुंचने में काफी देर लगी, जिससे घायलों की हालत और बिगड़ गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भीड़ का अनुमान पहले से नहीं लगाया गया था। वहीं, स्टेडियम में आरसीबी टीम के सम्मान समारोह के चलते प्रशंसकों की भीड़ बेकाबू हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात था, लेकिन लोगों की संख्या इतनी अधिक थी कि हालात काबू से बाहर हो गए।
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मृतकों के परिजनों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार घायलों के इलाज के लिए हर संभव मदद करेगी। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
यह हादसा एक बार फिर दर्शाता है कि आयोजनों में भीड़ प्रबंधन में चूक कितनी भारी पड़ सकती है। सुरक्षा प्रबंधों की कमी और भीड़ नियंत्रण तंत्र की नाकामी ने 11 जिंदगियां लील लीं, जिससे पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।
