नैनीताल
नैनीताल: एएचटीयू टीम पर गाज, छह पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, नई टीम का गठन जल्द
हल्द्वानी। जिले में लगातार बढ़ते लापता बच्चों के मामलों, भिक्षावृत्ति और अनैतिक देह व्यापार जैसे अपराधों पर रोक लगाने में विफल रहने पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की पूरी टीम पर गाज गिरी है। एसएसपी पीएन मीणा ने शुक्रवार देर शाम टीम की महिला दरोगा मंजू ज्याला समेत कुल छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। इनमें हेड कांस्टेबल गीता कोठारी, कांस्टेबल दीपा सिंह, इंद्रा जोशी, महेंद्र सिंह और मनोज यादव शामिल हैं।
एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि पुलिसकर्मी यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करेंगे तो कार्रवाई तय है। एएचटीयू टीम को लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद नतीजे संतोषजनक नहीं रहे। लापता किशोर-किशोरियों की रिकवरी का प्रतिशत बेहद खराब रहा और न ही भिक्षावृत्ति जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण पाया जा सका। साथ ही देह व्यापार के खिलाफ भी अपेक्षित स्तर पर काम नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि कर्तव्यहीनता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, चाहे वह अधिकारी हो या कर्मचारी। यह निर्णय आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल की नाराजगी के बाद लिया गया है, जिन्होंने हाल ही में सभी कप्तानों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
अब एएचटीयू की नई टीम का गठन शीघ्र किया जाएगा। अनुमान है कि एक-दो दिन के भीतर नई जिम्मेदारी सौंपकर टीम को सक्रिय किया जाएगा, ताकि जिले में मानव तस्करी और संबंधित अपराधों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।
