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उत्तराखंड पुलिस

देहरादून में माँ को मौत के घाट उतारने पर सीओ का बेटा बोला- मुझ पर दैवीय शक्ति आ गई थी, इसीलिए मां को मार डाला

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मुरादाबाद में तैनात हैं सीओ, देहरादून में रहता है उनका परिवार, बेटे ने मां को मारने के बाद भी आत्महत्या की कोशिश की
देहरादून। बबीता रानी ने जिस बड़े बेटे आदित्य को 30 वर्ष पाल-पोसकर बड़ा किया उसी ने मौत की नींद सुला दिया। मां के लाड़-प्यार को दनकिनार कर आदित्य ने किसी दुश्मन की तरह लोहे के सब्बल से मां के चेहरे पर उस वक्त तक लगातार प्रहार किए, जब तक बबीता ने अंतिम सांस न ले ली। इतना सब करने के बावजूद आदित्य को इस बात का कोई पश्चाताप नहीं।
हालांकि, पुलिस को दिए बयान में उसने कहा कि उसके ऊपर “माता” (दैवीय शक्ति) आ गई थी, इसी लिए मां को मार डाला। मां के हत्यारोपी आदित्य को पिता मलखान सिंह ने मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया है और पुलिस की पड़ताल व प्रारंभिक चिकित्सीय परीक्षण में उसके नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़ी बात सामने नहीं आई है, लेकिन उसके बयानों का पुलिस परीक्षण अवश्य करा रही।
शहर के पाश क्षेत्र में डीएसपी मलखान सिंह का आवास भी यहां पिछले दो दशक से है। मलखान सिंह अकसर पत्नी व बेटे से मिलने मुरादाबाद से देहरादून आते रहते थे। वह यहां आकर बेटे आदित्य का चिकित्सीय परीक्षण भी कराते थे, जबकि पत्नी बबीता यहीं रहकर बेटे का पूरा ध्यान रखती थीं।
स्थानीय लोगों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आदित्य का स्वभाव काफी गुस्सैल है और अकसर वह रात को जोर-जोर से चिल्लाता है। पुलिस को यह भी पता चला कि आदित्य नग्न अवस्था में भी कई बार घर में घूमता रहता था। कई बार तो वह नग्न अवस्था में बाहर भी आ जाता था। इस कारण आसपास के लोग डीएसपी मलखान सिंह के घर जाने से कतराते थे।
दोमंजिला घर में आदित्य को सोने के लिए ऊपरी मंजिल पर कमरा दिया हुआ था, लेकिन वह निचले तल पर मां के बगल वाले कमरे में सोता था। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पूछताछ में यह भी पता चला कि आदित्य अपनी मां से कई बार बहसबाजी करता था और उन पर गुस्सा जताता था।
रोजाना की तरह शुक्रवार रात बबीता अपने बेडरूम में सोने चली गईं, जबकि आदित्य ड्राइंग रूम में सो गया। एसएसपी ने बताया कि सुबह करीब चार बजे आदित्य सब्बल लेकर मां के कमरे में पहुंचा और सोती हुई मां के चेहरे व सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर उनकी हत्या कर दी। आदित्य ने पुलिस की पूछताछ में यही बात बताई। ताबड़तोड़ प्रहार व नींद में होने के कारण बबीता की चीख नहीं निकली और न ही वह अपना बचाव कर सकीं।
यही वजह रही कि पड़ोसियों को भी घटना के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया। एसएसपी ने बताया कि आदित्य से पूछताछ चल रही है। प्रारंभिक बयान में उसने इस वारदात के पीछे अपने ऊपर दैवीय शक्ति आना बताया है, लेकिन पुलिस अन्य कारणों की भी जांच कर रही।
मलखान सिंह वर्ष 2001 से 2007 तक देहरादून में ही पुलिस विभाग में तैनात थे। उस दौरान उत्तर प्रदेश का विकल्पधारी होने के कारण उन्हें उत्तर प्रदेश भेज दिया गया। वर्तमान में वह डीएसपी पद पर पदोन्नति के बाद मुरादाबाद पुलिस प्रशिक्षण संस्थान में सेवा दे रहे हैं। दून में घर होने के कारण वह अकेले ही मुरादाबाद में रह रहे हैं। महीने में एक बार वह देहरादून आते हैं और बेटे आदित्य का उपचार कराकर लौट जाते हैं। मलखान सिंह ने पुलिस को बताया कि आदित्य का व्यवहार ठीक नहीं था, लेकिन उन्हें यह अंदेशा नहीं था कि वह इतना क्रूर कदम उठा देगा।
पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह सवाल बना हुआ कि मां की हत्या के बाद आदित्य खुद को क्यों मारना चाहता था। दरअसल, मां की हत्या के बाद आदित्य ने ब्लेड से अपने हाथ की नस भी काट ली थी। स्वजन उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ बता रहे, जबकि आदित्य हत्या के पीछे अपने ऊपर दैवीय शक्ति का प्रकोप बता रहा, लेकिन यह कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद भी आदित्य को किसी तरह का पश्चाताप नहीं था। ऐसे में हत्या की असल वजह जान पाना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर से कम नहीं होगा।

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