धरना-प्रदर्शन-आंदोलन
धारी में किसानों का बीमा हक़ को लेकर ज़ोरदार धरनासरकार–बीमा कंपनी पर बरसे किसान, एसडीएम के ज़रिए पीएम को भेजा ज्ञापन
धानाचूली/धारी।
नैनीताल जिले के धारी विकासखंड में आलू की फसल को हुए भारी नुकसान के बावजूद बीमा राशि नहीं मिलने से किसानों का सब्र आज जवाब दे गया। आक्रोशित किसानों ने उपजिलाधिकारी कार्यालय धारी में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन कर सरकार और बीमा कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की। धरने का नेतृत्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोपाल सिंह बिष्ट ने किया, जबकि पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु भी किसानों के समर्थन में धरना स्थल पर डटे रहे।

धरने के दौरान गोपाल सिंह बिष्ट ने बीमा भुगतान में खुलेआम भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि बेतालघाट में किसानों को प्रीमियम का छह गुना, ओखलकांडा में साढ़े चार गुना भुगतान किया गया, जबकि धारी के किसानों को मात्र प्रीमियम का एक-चौथाई हिस्सा देकर टाल दिया गया। उन्होंने इसे बीमा कंपनी द्वारा किसानों के साथ किया गया “भद्दा मजाक” करार दिया।
बिष्ट ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द बीमा राशि का पूरा भुगतान नहीं हुआ, तो धारी के किसान उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

धरना स्थल पर मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए हरीश पनेरु ने भाजपा सरकार और क्षेत्रीय विधायक पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीते आठ वर्षों से किसानों को केवल झूठे आश्वासन दिए जा रहे हैं। जब धारी क्षेत्र में किसानों की लगभग 80 प्रतिशत फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, तो सरकार और बीमा कंपनी आखिर किस आधार पर किसानों को उनका हक देने से बच रही हैं।
पनेरु ने कहा कि यह अन्याय आज का नहीं, बल्कि कई वर्षों से लगातार दोहराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से वे स्वयं इस मुद्दे को सरकार और जिला प्रशासन के सामने उठाते आ रहे हैं, लेकिन आज तक किसानों को न्याय नहीं मिला। अब मजबूरी में किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ा है और यह लड़ाई हक मिलने तक जारी रहेगी।

धरने के दौरान हरीश पनेरु और गोपाल सिंह बिष्ट ने क्षेत्रीय विधायक से भी तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि विधायक आए दिन मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाकर कब तक भीमताल विधानसभा के किसानों को गुमराह करते रहेंगे। गांव से लेकर प्रधानमंत्री तक भाजपा की सरकार होने के बावजूद किसानों को बीमा सहायता क्यों नहीं मिल रही, जबकि किसानों के परिश्रम से ही देश का पेट भरता है।
धरना-प्रदर्शन के बाद किसानों की मांगों से संबंधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी धारी अंशुल भट्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री और संबंधित बीमा कंपनी को भेजा गया।
धरना स्थल पर धारी क्षेत्र के सैकड़ों किसान मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में सरकार से किसानों को उनका वाजिब हक दिलाने की मांग की।
