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कपकोट: झूनी गांव की महिलाओं का साहस, बारातियों से छीनी शराब और कर दी नष्ट
बागेश्वर के झूनी गांव की महिलाओं ने पेश की नशामुक्ति की मिसाल। बारात में नशेड़ी बारातियों से शराब छीनकर की नष्ट। गांव को नशामुक्त बनाने का लिया संकल्प।
बागेश्वर। जिले के कपकोट स्थित झूनी गांव से महिला शक्ति और एकजुटता की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। यहाँ की महिलाओं ने नशामुक्ति की दिशा में एक सख्त मिसाल पेश करते हुए बारात में आए लोगों से शराब छीनकर नष्ट कर दी। महिलाओं के इस साहसिक कदम की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। गांव वालों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने क्षेत्र में नशा बर्दाश्त नहीं करेंगे।
शुक्रवार को झूनी गांव में एक बारात का आगमन हुआ था। इसी दौरान महिलाओं को सूचना मिली कि कुछ बाराती शराब के नशे में हैं और उनके पास शराब की बोतलें मौजूद हैं। सूचना मिलते ही गांव की महिलाएं सक्रिय हो गईं और बारात को रोक दिया। उन्होंने विरोध दर्ज कराते हुए बारातियों के कब्जे से शराब और बीयर की बोतलें जब्त कीं और उन्हें सबके सामने नष्ट कर दिया।
महिलाओं की जांच में यह भी सामने आया कि बारातियों ने यह शराब गांव की ही एक स्थानीय दुकान से खरीदी थी। इसके बाद महिलाओं का समूह उस दुकान पर पहुँचा और वहां से भी अवैध शराब बरामद कर उसे ठिकाने लगा दिया। दिलचस्प बात यह रही कि शराब हटाने के बाद महिलाओं ने बारात का पूरे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सम्मानजनक स्वागत किया और उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन कराया।
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि उन्होंने करीब छह महीने पहले अपने गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है। उनका स्पष्ट संदेश है कि बिना शराब के आने वाले अतिथियों का गांव में दिल से स्वागत है, लेकिन नशे में धुत होकर माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ उनकी सख्ती जारी रहेगी। महिलाओं के इस अभियान से गांव में शराब की खरीद और बिक्री पर अब पूर्ण प्रतिबंध लग गया है।
नशामुक्ति के इस अनूठे प्रयास ने साबित कर दिया है कि यदि ग्रामीण समाज ठान ले, तो बुराइयों को जड़ से मिटाया जा सकता है। झूनी गांव की यह पहल अब आसपास के अन्य गांवों के लिए भी एक रोल मॉडल बन गई है। शासन और प्रशासन ने भी महिलाओं के इस जज्बे को सलाम किया है। आने वाले समय में ऐसे अभियानों से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में नशाखोरी पर लगाम लगने की उम्मीद है।
