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हल्द्वानी में दो आत्महत्याएं: बेरोजगारी और कर्ज बना जानलेवा बोझ

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हल्द्वानी। शहर में शनिवार को दो अलग-अलग दर्दनाक घटनाओं में एक बीटेक पास युवक और एक कारोबारी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों मामलों में वजह मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव बताया जा रहा है। पुलिस ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।

पहली घटना लामाचौड़ क्षेत्र की है। गली नंबर-9 बचीनगर निवासी 28 वर्षीय मनीष चौहान पुत्र जगदीश चंद्र ने दो साल पहले तकनीकी इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी, लेकिन लगातार प्रयासों के बावजूद उसे नौकरी नहीं मिल पाई। इससे वह गहरे अवसाद में चला गया। परिजनों के मुताबिक शनिवार रात वह अपने कमरे में काफी देर तक नहीं निकला। दरवाजा खोलने पर परिजनों ने देखा कि मनीष फंदे से लटका हुआ था। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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दूसरी घटना फतेहपुर पीपल पोखरा नंबर एक की है। यहां 42 वर्षीय मुकेश गोस्वामी उर्फ गोविंद, जो बिल्डिंग मटेरियल के कारोबारी और ठेकेदार थे, ने भी आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में सामने आया कि मुकेश पर कर्ज का भारी बोझ था और सूदखोर लगातार दबाव बना रहे थे। कर्ज न चुका पाने और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे।

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मुखानी थानाध्यक्ष दिनेश जोशी ने बताया कि दोनों मामलों में पुलिस ने कोई सुसाइड नोट नहीं पाया है, लेकिन पारिवारिक बयान के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। घटनाओं से क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है।

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