Connect with us

हरिद्वार

उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर अभद्र टिप्पणी के खिलाफ बिफरा संत समाज

Published

on

खबर शेयर करें 👉

सनातन धर्म का उपहास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा:- आचार्य स्वामी संजीव भारद्वाज

हरिद्वार- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर अमर्यादित टिप्पणी किए जाने से नाराज संत समाज ने कड़ा विरोध जताया है। साथ ही केंद्र सरकार से उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। प्रेस को जारी बयान में धर्मसम्राट आचार्य स्वामी संजीव भारद्वाज महाराज ने कहा है कि सनातन धर्म पर कुठाराघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत में रहकर भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म पर अमर्यादित टिप्पणी करने वालों के लिए केंद्र सरकार को कठोर कानून बनना चाहिए जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो सके। बार-बार लगातार वोट बैंक की राजनीति के लिए सनातन धर्म और हिंदू देवी देवताओं का उपहास उड़ाया जाता है जिसे संत समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उदयनीधि स्टालिन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए ताकि धर्म पर नकारात्मक टिप्पणी करने वालों को सबक मिल सके। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म शांतिप्रिय है और समस्त विश्व को सद्भावना का संदेश देता है। लेकिन हमारी शांति को कुछ लोग कमजोरी समझ बार-बार धर्म का उपहास उड़ाते हैं जिस हिंदू समाज और बर्दाश्त नहीं करेगा। आचार्य स्वामी संजीव भारद्वाज महाराज ने कहा कि ऐसे लोगों को भारत में रहने का अधिकार नहीं है जो भारत में रहकर करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत कर समाज में विद्वेष फैलाने का कार्य कर रहे हैं। सनातन धर्म सबसे प्राचीन धर्म है जो अनादि काल से संपूर्ण विश्व का मार्गदर्शन करता चला रहा है। किसी को भी धर्म पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि धर्म विरोधी टिप्पणी के खिलाफ केंद्र सरकार जल्द कड़ा कानून बनाएं अन्य संत समाज उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।

Select Language

Advertisement