हल्द्वानी
हल्द्वानी स्टेडियम में हंगामा: वेतन को लेकर बाउंसरों ने बंद किए गेट, तूफान के कारण मैच रद्द
हल्द्वानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में लेजेंट्स लीग क्रिकेट के दौरान बवाल। बाउंसरों ने वेतन न मिलने पर रोका खिलाड़ियों का रास्ता। तूफान से उपकरणों को नुकसान।
हल्द्वानी: हल्द्वानी के गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में चल रहे ‘लेजेंट्स लीग क्रिकेट’ के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सुरक्षा व्यवस्था में तैनात दर्जनों बाउंसरों ने अचानक काम रोककर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाउंसरों का आरोप है कि उन्हें लंबे समय से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। नाराजगी में बाउंसरों ने स्टेडियम के मुख्य गेटों पर ताला जड़ दिया, जिससे खिलाड़ियों और स्टाफ की बसें परिसर के भीतर ही फंस गईं।
घटना के दौरान काफी देर तक खिलाड़ियों को होटल जाने के लिए इंतजार करना पड़ा। स्थिति बिगड़ती देख आयोजन समिति के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और बाउंसरों के साथ वार्ता की। आयोजकों द्वारा भुगतान का ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही बाउंसरों ने गेट खोले और खिलाड़ियों का काफिला वहां से रवाना हो सका। लेजेंट्स लीग क्रिकेट के को-फाउंडर रमन रहेजा ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘कम्युनिकेशन गैप’ करार देते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसी के प्रभारी के दिल्ली में होने के कारण समन्वय में कमी आई थी, जिसे अब सुलझा लिया गया है।
खेल विभाग ने झाड़ा पल्ला, आयोजकों पर उठाए सवाल
इस विवाद पर खेल विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए खुद को आयोजन की व्यवस्थाओं से अलग बताया है। खेल विभाग की उपनिदेशक राशिका सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि विभाग की जिम्मेदारी केवल स्टेडियम उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि डीजी सेट में तेल न होना और सुरक्षाकर्मियों का वेतन विवाद आयोजन एजेंसी की घोर लापरवाही का परिणाम है। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि 20 मार्च तक का किराया अग्रिम जमा होने के बाद ही आगे के मैचों की अनुमति दी जाएगी।
तूफान की मार: दोपहर का मैच हुआ रद्द
मैदान के भीतर मचे हंगामे के साथ-साथ कुदरत ने भी मैच में बाधा डाली। बीती रात आए तेज तूफान और बारिश के कारण स्टेडियम में लगे कैमरों और अन्य तकनीकी उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचा है। को-फाउंडर रमन रहेजा ने बताया कि उपकरणों के क्षतिग्रस्त होने और बिजली की अव्यवस्था के चलते आज दोपहर का मैच रद्द करना पड़ा है। फिलहाल तकनीकी टीम मरम्मत कार्य में जुटी है। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। खिलाड़ियों की सुरक्षा और प्रशासनिक तालमेल में कमी ने स्थानीय खेल प्रेमियों को भी निराश किया है।
