उत्तराखण्ड
उत्तराखंड बोर्ड में भी साल में दो बार होंगी 10वीं की परीक्षाएं
देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड अब सीबीएसई की तर्ज पर साल में दो बार दसवीं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करेगा। प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली को लागू करने पर मंथन किया जा रहा है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। सीबीएसई की तरह उत्तराखंड बोर्ड भी इस बदलाव को अपनाकर छात्रों को लाभ पहुंचाएगा।
सीबीएसई की तरह होगा परीक्षा पैटर्न
राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा कार्यक्रम की वार्षिक समीक्षा बैठक और कार्यशाला के दौरान डॉ. रावत ने बताया कि सीबीएसई 2026-27 सत्र से यह नई परीक्षा प्रणाली लागू कर रहा है। इसके तहत पहली परीक्षा 17 फरवरी से 6 मार्च और दूसरी परीक्षा 5 मई से 20 मई तक आयोजित होगी। इसी तर्ज पर उत्तराखंड बोर्ड भी अपनी परीक्षाएं आयोजित करेगा।
छात्रों को मिलेगा फायदा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत इस प्रणाली को लागू करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों के परीक्षा तनाव को कम करना और उन्हें अधिक अवसर देना है। इससे छात्रों को अपनी कमजोरियों को सुधारने और बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।
बोर्ड परीक्षा में सुधार की उम्मीद
इस नई प्रणाली से परीक्षा परिणामों में भी सुधार की संभावना है, क्योंकि छात्र पहले चरण की परीक्षा के बाद अपनी गलतियों को सुधारकर दूसरे चरण में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बदलाव से विद्यार्थियों को मानसिक रूप से अधिक सहजता मिलेगी और उनका सर्वांगीण विकास होगा। यह कदम शिक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है, जिससे छात्रों का भविष्य और अधिक उज्जवल हो सकेगा।
