Connect with us

नई दिल्ली

धर्म जाति से

Published

on

खबर शेयर करें 👉

धर्म जाति से ऊपर उठकर
उनके रहे विचार,
और समाज की हर कुरीति पर
खुलकर किया प्रहार।
ऊँच नीच का भेद मिटाकर
हो सबका सम्मान,
बाबासाहेब की चाहत थी
ऐसा बने विधान।
चहुं ओर जन-जन में जागे
समरसता का भाव,
आपस में हो प्रीति निरंतर
बढ़ने लगे लगाव।
संविधान की रचना में
देकर अनुपम सहयोग,
भीमराव ने कम कर डाला
भेदभाव का रोग।

यह भी पढ़ें 👉  सिडकुल थाना प्रभारी बने तनवार, डकैती कांड में हटाए गए उनियाल

देवेश द्विवेदी ‘देवेश’

Select Language

Advertisement