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उत्तराखण्ड

केएमवीएन और जीएमवीएन के गेस्ट हाउसों को फिर निजी हाथों में देने की तैयारी शुरू

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पर्यटन विकास परिषद ने केएमवीएन के मुक्तेश्वर गेस्ट हाउस को पीपीपी मोड पर देने को लेकर फिर आवेदन मांगे

देहरादून। पर्यटन के दोनों निगमों केएमवीएन और जीएमवीएन के गेस्ट हाउसों को फिर निजी हाथों में देने की तैयारी शुरू हो गई है। पर्यटन विकास परिषद ने केएमवीएन के मुक्तेश्वर गेस्ट हाउस को पीपीपी मोड पर देने को लेकर फिर आवेदन मांग लिए हैं।
इससे पहले केएमवीएन के सातताल, नौकुचियाताल और मुक्तेश्वर गेस्ट हाउस को पीपीपी मोड पर देने को आवेदन मांगे गए थे। कर्मचारियों ने इसका तीखा विरोध किया। कुमाऊं मंडल में आंदोलन शुरू हुआ। गढ़वाल मंडल में भी आंदोलन को पूरा समर्थन दिया गया। इस बीच प्रक्रिया कुछ थम गई। जीएमवीएन केएमवीएन संयुक्त कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी ने कहा कि निगमों के प्राइम लोकेशन वाले गेस्ट हाउसों को ही क्यों पीपीपी मोड पर दिया जा रहा है? जबकि निगम इनसे हर साल मुनाफा कमाते हैं। निगमों की वित्तीय स्थिति सुधारने वाले गेस्ट हाउसों को ही यदि पीपीपी मोड पर दे दिया जाएगा, तो कर्मचारी क्या काम करेंगे। पीपीपी मोड की मुहिम को सफल नहीं होने दिया जाएगा। वहीं कर्मचारी संगठनों के विरोध को देखते हुए 20 अक्तूबर को सचिव पर्यटन ने उन्हें वार्ता के लिए बुलाया है।

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