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हल्द्वानी

नैनीताल हादसा: कैंची धाम से लौटते टेम्पो ट्रैवलर खाई में गिरा, 2 की मौत, 14 घायल

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नैनीताल में देर रात बड़ा सड़क हादसा। कैंची धाम से दिल्ली लौट रहे पर्यटकों से भरा टेम्पो ट्रैवलर ज्योलीकोट के पास 60 फीट गहरी खाई में गिरा। चालक समेत दो की मौत, 14 घायल। जानें हादसे की वजह और रेस्क्यू अपडेट।

नैनीताल। शनिवार देर रात नैनीताल में एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने दिल्ली के पर्यटकों के खुशी के सफर को मातम में बदल दिया। कैंची धाम से दर्शन कर दिल्ली लौट रहा एक टेम्पो ट्रैवलर ज्योलीकोट के समीप अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक दुर्घटना में वाहन चालक समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 पर्यटक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

देर रात हुआ हादसा, गहरी खाई में गिरा वाहन
जानकारी के अनुसार, दिल्ली के बदरपुर क्षेत्र के 15 पर्यटकों का एक दल बाबा नीब करौरी के कैंची धाम में दर्शन के लिए आया था। शनिवार देर रात करीब 12.30 बजे ये पर्यटक टेम्पो ट्रैवलर से दिल्ली वापस लौट रहे थे। ज्योलीकोट के समीप दो गांव क्षेत्र में स्थित मटियाली बैंड के पास ड्राइवर का वाहन से नियंत्रण हट गया और पर्यटकों से भरा यह वाहन लगभग 60 फीट गहरी खाई में जा गिरा। यह क्षेत्र घुमावदार मोड़ और खड़ी चढ़ाई के लिए जाना जाता है।

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दो घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, 14 घायल
हादसे की सूचना मिलते ही ज्योलीकोट चौकी इंचार्ज श्याम सिंह बोरा पुलिस टीम और स्थानीय लोगों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। रात के अंधेरे और दुर्गम खाई के बावजूद, पुलिस और ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सभी 16 लोगों को खाई से निकालकर सड़क तक लाया गया। घायलों को तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने रोहतक, हरियाणा निवासी वाहन चालक सोनू सिंह और पर्यटक गौरव बंसल को मृत घोषित कर दिया।

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पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी
इस दुखद हादसे ने एक बार फिर उत्तराखंड की पहाड़ी सड़कों पर सड़क सुरक्षा के मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है, जिसमें मुख्य रूप से ओवरस्पीडिंग या नींद की झपकी को कारण माना जा रहा है। उत्तराखंड में पर्यटकों को अक्सर रात के समय पहाड़ी रास्तों पर ड्राइविंग से बचने की सलाह दी जाती है। प्रशासन को ऐसे डेंजर जोन पर सुरक्षा रैलिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की आवश्यकता है।

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