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धारी तहसील कुलोरी में गुलदार ने महिला को बनाया अपना निवाला
धारी के कुलौरी गांव में गुलदार का आतंक, महिला की मौत
भीमताल विधानसभा में तीसरी घटना, ग्रामीणों का फूटा आक्रोश
धारी | नैनीताल
धारी तहसील के कुलौरी गांव (खुटियाखाल) में गुलदार के हमले ने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया है। गुलदार के हमले में 35 वर्षीय गंगा देवी, पत्नी जीवन चंद्र, की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतका अपने पीछे पति और तीन छोटे बच्चों—अमित कुमार, नैन्सी और अंकित कुमार—को छोड़ गई है। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है, वहीं बच्चों और पति का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के अनुसार गंगा देवी रोजमर्रा के कार्य से बाहर निकली थीं, तभी घात लगाए गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक महिला की जान जा चुकी थी। सुरक्षा की दृष्टि से महिला का शव घटना स्थल पर ही रखा गया है तथा मचान बनाकर दो शिकारी तैनात किए गए हैं।
भीमताल विधानसभा में तीसरी घटना
मानव–वन्यजीव संघर्ष की यह घटना भीमताल विधानसभा क्षेत्र में तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले
पहली घटना धारी के दीनी तल्ली गांव में,
दूसरी घटना ओखलकांडा के चमोली गांव में,
और अब तीसरी घटना धारी के कुलौरी गांव में सामने आई है।
लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने विधायक और वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि “कब तक महिलाओं की जान जाती रहेगी?”
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार हर बार घटना के बाद मुआवजे की घोषणा कर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि हिंसक गुलदार को जल्द नहीं मारा गया तो वे खुद कार्रवाई करने को मजबूर होंगे।
वन विभाग की कार्रवाई, लेकिन सीमित सफलता
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे दिन-रात एक किए हुए हैं, लेकिन अब तक एक गुलदार को पकड़ने के अलावा कोई बड़ी सफलता नहीं मिल सकी है। विभाग के अनुसार क्षेत्र का वन इलाका काफी बड़ा और दुर्गम है, जिस कारण अभियान में कठिनाइयां आ रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जहां-जहां गुलदार दिखने की सूचना मिल रही है, वहां तुरंत टीमें भेजी जा रही हैं, कई स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं और लगातार निगरानी की जा रही है। बावजूद इसके हिंसक गुलदार अब तक पकड़ से बाहर है, हालांकि प्रयास लगातार जारी हैं।
प्रशासन का पक्ष
एसडीएम अंशुल भट्ट ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि प्रशासन और वन विभाग गुलदार को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर आपदा मद से चारे की व्यवस्था की गई है, जिसे संबंधित विभाग द्वारा वितरित किया जा रहा है। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को जंगल की ओर न जाने की हिदायत दी गई है।
विधायक का सख्त बयान
भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा ने वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्राइवेट शिकारी तैनात करने में देरी के कारण घटनाएं बढ़ रही हैं। भीमताल विधानसभा में तीसरी घटना होने से वे अत्यंत दुखी हैं। विधायक ने कहा कि सरकार ने हिंसक वन्यजीव को मारने के आदेश दिए हैं और लापरवाह अधिकारियों की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
लगातार हो रही घटनाओं ने एक बार फिर मानव–वन्यजीव संघर्ष पर ठोस और त्वरित कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित कर दिया है।
प्रमुख धारी
प्रमुख धारी भावना ने कहा वन विभाग को अपने प्रयास और तेज करने होगे, क्योंकि महिलाओं का नाता जंगल से जुड़ा हुआ है। आजीविका जंगल पर निर्भर है। घटना बेहद दुःखद है। इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ हूँ। मुझसे जो बन पड़ेगा वह प्रयास करूंगी।जल्द इन हिसक वन्यजीव को वन विभाग मारे। धारी में यह दूसरी घटना है, जिससे लोग अब और ज्यादा घबराने लगे है।
